भोजपुरी संगीत में बहुत से गाने करोड़ों व्यूज़ तक पहुँचे हैं, लेकिन एक अरब का आंकड़ा पार करने वाला पहला गाना पवन सिंह या खेसारी लाल यादव का नहीं, रितेश पांडे का था — Aaj Tak ने तब लिखा था कि इसने दोनों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए। रितेश पांडे की कहानी इसी विरोधाभास से बनती है — इंटरनेट पर जितनी बड़ी लोकप्रियता, चुनाव के मैदान में उतनी ही छोटी गिनती। इस पेज पर उनका पूरा परिचय है: शुरुआत, ‘हैलो कौन’, फ़िल्में, राजनीति और आज वे कहाँ हैं।
रितेश पांडे कौन हैं — एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| असली नाम | रितेश रंजन |
| उपनाम | भोजपुरिया रॉकस्टार |
| जन्म | 14 मई 1991, सासाराम (रोहतास ज़िला), बिहार |
| पेशा | प्लेबैक सिंगर, अभिनेता |
| सक्रिय | 2014 से |
| सबसे बड़ा गाना | ‘हैलो कौन’ (2019) |
| राजनीति | जन सुराज पार्टी (जुलाई 2025 – जनवरी 2026) |
नाम का एक भ्रम: इसी नाम के एक दूसरे रितेश पांडे उत्तर प्रदेश के नेता हैं, जो अंबेडकर नगर से BSP सांसद रह चुके हैं और 2024 में BJP में गए। वे अलग व्यक्ति हैं — इस पेज का भोजपुरी गायक से जुड़ा हर तथ्य सासाराम वाले रितेश पांडे का है।
घरवाले डॉक्टर बनाना चाहते थे, वे गायक बन गए
ThePrint की अक्टूबर 2025 की प्रोफ़ाइल के मुताबिक़ रितेश ने इंटरमीडिएट में 72% अंक पाए थे और उनके माता-पिता चाहते थे कि वे कोटा जाकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करें। उन्होंने संगीत चुना और छोटे स्थानीय कार्यक्रमों में गाना शुरू किया। उनका सफ़र भोजपुरी के ज़्यादातर बड़े गायकों जैसा ही रहा — स्टेज शो, फिर एल्बम, फिर फ़िल्मों में प्लेबैक और अभिनय।
फ़िल्मों में उन्हें पहचान ‘बलमा बिहार वाला 2’ (2016) और ‘तोहरे में बसेला प्राण’ (2017) से मिली। ‘पियवा से पहिले हमार रहलू’ जैसे गानों ने उन्हें भोजपुरी पट्टी में जाना-पहचाना नाम बनाया। लेकिन असली छलांग 2019 के आख़िर में आई।
‘हैलो कौन’: वह गाना जिसने रिकॉर्ड तोड़ा
‘हैलो कौन’ 9 दिसंबर 2019 को रिद्धि म्यूज़िक वर्ल्ड के YouTube चैनल पर आया। इसमें रितेश के साथ स्नेह उपाध्याय हैं। गाना आशीष वर्मा ने लिखा और कंपोज़ किया, और वीडियो राजीव पांडे ने डायरेक्ट किया। इसकी लंबाई सिर्फ़ 3 मिनट 4 सेकंड है, और इसमें भोजपुरी के साथ रैप का अंदाज़ है।
| मील का पत्थर | आंकड़ा |
|---|---|
| ग्लोबल YouTube म्यूज़िक वीडियो चार्ट (13–19 दिसंबर 2019) | नंबर 1 — हफ़्ते में 4.73 करोड़ व्यूज़ |
| उसी हफ़्ते नंबर 2 | ‘डांस मंकी’ (टोन्स एंड आई) — 3.61 करोड़ व्यूज़ |
| पिछले हफ़्ते की रैंक | 21 |
| कुल व्यूज़ (2 अक्टूबर 2026 तक) | 105.7 करोड़ से ज़्यादा |
चार्ट का आंकड़ा सबसे दिलचस्प है: रिलीज़ के दूसरे ही हफ़्ते में एक भोजपुरी गाने ने दुनिया भर के म्यूज़िक वीडियो को पीछे छोड़ा, जिनमें उस वक़्त दुनिया भर में छाया हुआ ‘डांस मंकी’ भी था। Headline Planet के मुताबिक़ पिछले हफ़्ते के मुक़ाबले उसके व्यूज़ 265% बढ़े थे।
Wikipedia के मुताबिक़ यह 100 करोड़ व्यूज़ पार करने वाला पहला भोजपुरी गाना है। जनवरी 2020 में इसका एक हरियाणवी वर्ज़न भी आया, जिसे विजय वर्मा और रेणुका पंवार ने गाया था — यानी गाना भोजपुरी पट्टी से बाहर भी फैला।
भोजपुरी के सबसे बड़े सितारों की तुलना में यह उपलब्धि इसलिए अलग है कि यह किसी फ़िल्म का गाना नहीं, एक स्वतंत्र म्यूज़िक वीडियो था। भोजपुरी फ़िल्मों की कमाई के आंकड़े जहाँ अक्सर भरोसे लायक़ नहीं होते (हमने इस पर अलग से लिखा है), वहीं YouTube की गिनती सार्वजनिक है और कोई भी जाँच सकता है।
रितेश पांडे की फ़िल्में
| फ़िल्म / सीरीज़ | साल | ख़ास बात |
|---|---|---|
| बलमा बिहार वाला 2 | 2016 | शुरुआती पहचान |
| तोहरे में बसेला प्राण | 2017 | पहचान पक्की हुई |
| इंडिया वर्सेज़ पाकिस्तान | 2018 | अरविंद अकेला कल्लू के साथ |
| काशी विश्वनाथ | 2019 | काजल राघवानी के साथ, 21 जून 2019 को रिलीज़ |
| रानी वेड्स राजा | 2019 | रानी चटर्जी के साथ |
| दरार 2 | — | मल्टी-स्टारर |
| बेवफ़ा | 2023 | रक्षा गुप्ता के साथ |
| लंका में डंका (वेब सीरीज़) | — | — |
उनकी फ़िल्मों में ‘यारा तेरी यारी’, ‘परवरिश’, ‘नाचे नागिन गली गली’ और ‘करम युग’ भी शामिल हैं। उनकी दो सह-कलाकारों पर हमारे विस्तृत पेज भी हैं — काजल राघवानी और रानी चटर्जी।
फिर भी रितेश की पहचान अभिनेता से ज़्यादा गायक की है — उनका सबसे बड़ा रिकॉर्ड किसी फ़िल्म से नहीं, एक स्वतंत्र गाने से आया।
राजनीति: जन सुराज का टिकट और करगहर का नतीजा
रितेश ने 18 जुलाई 2025 को पटना में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में जन सुराज पार्टी की सदस्यता ली। Aaj Tak के मुताबिक़ वे 2024 में ही कैमूर में एक कैंप ऑफ़िस खोल चुके थे, यानी राजनीति की तैयारी पहले से थी। पार्टी ने उन्हें रोहतास ज़िले की करगहर सीट (विधानसभा संख्या 209) से उतारा — यह उनका गृह ज़िला है।
ThePrint को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपना मुद्दा शिक्षा और पलायन बताया था। उनका सवाल था कि अगर बिहार में ही अच्छे मौक़े मिलें, तो लोगों को बाहर क्यों जाना पड़े।
नतीजा: 16,298 वोट, चौथा स्थान
14 नवंबर 2025 को आए नतीजों (चुनाव आयोग के आंकड़े) में करगहर की तस्वीर यह रही:
| उम्मीदवार | पार्टी | वोट | वोट % |
|---|---|---|---|
| बशिष्ठ सिंह (विजेता) | JDU | 92,485 | 42.12% |
| उदय प्रताप सिंह | BSP | 56,809 | 25.87% |
| संतोष कुमार मिश्रा | कांग्रेस | 39,333 | 17.91% |
| रितेश पांडे | जन सुराज | 16,298 | 7.42% |
एक आम ग़लती, जो कई रिपोर्टों में छपी: कुछ ख़बरों में लिखा गया कि रितेश पांडे 35,676 वोटों से हारे। यह आंकड़ा असल में विजेता बशिष्ठ सिंह और दूसरे नंबर पर रहे BSP उम्मीदवार के बीच का अंतर है (92,485 − 56,809)। रितेश चौथे नंबर पर थे, और विजेता से उनका फ़ासला 76,187 वोट का था।
यानी जिस गाने को 100 करोड़ से ज़्यादा बार देखा गया, उसके गायक को अपने ही गृह ज़िले की एक सीट पर सवा सात फ़ीसदी वोट मिले। यह अकेले रितेश की कहानी नहीं थी — जन सुराज ने 2025 में 238 सीटों पर चुनाव लड़ा और एक भी सीट नहीं जीती। पार्टी का पहला विधायक अगस्त 2026 में ख़ुद प्रशांत किशोर बने, जब उन्होंने बांकीपुर उपचुनाव जीता (उस उपचुनाव पर हमारी रिपोर्ट)।
जनवरी 2026: पार्टी से इस्तीफ़ा
नतीजों के क़रीब दो महीने बाद, 12 जनवरी 2026 को रितेश ने X पर पोस्ट करके जन सुराज की सदस्यता छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि वे एक ज़िम्मेदार भारतीय के तौर पर पार्टी से जुड़े थे और नतीजे अनुकूल न होने का उन्हें कोई अफ़सोस नहीं है। इस्तीफ़े की वजह पर Aaj Tak ने उनका यह वाक्य छापा:
“किसी राजनीतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है।”
उनके मुताबिक़ वे अब लोगों की सेवा अपने काम — यानी संगीत — के ज़रिए करना चाहते हैं, जिससे उन्हें प्यार और सम्मान मिला। इस्तीफ़े के बाद किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की कोई ख़बर हमें नहीं मिली।
भोजपुरी सितारे और राजनीति: रितेश अकेले नहीं
भोजपुरी गायकों-अभिनेताओं का राजनीति में जाना नया नहीं है, और नतीजे सबके अलग रहे हैं। निरहुआ सांसद बने, मनोज तिवारी लंबे समय से सांसद हैं, जबकि पवन सिंह 2024 का लोकसभा चुनाव हार गए थे। इन सबके पूरे सफ़र हमारे अलग पेजों पर हैं — पवन सिंह, खेसारी लाल यादव और निरहुआ।
रितेश का मामला इस सूची में इसलिए अलग है कि उन्होंने किसी बड़ी पार्टी का सहारा नहीं लिया — उन्होंने एक नई पार्टी के साथ अपने गृह ज़िले से शुरुआत की। करगहर का नतीजा बताता है कि YouTube की लोकप्रियता अपने-आप वोट में नहीं बदलती, ख़ासकर तब जब पार्टी ख़ुद पहली बार मैदान में हो।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रितेश पांडे कौन हैं?
रितेश पांडे सासाराम, बिहार के भोजपुरी गायक और अभिनेता हैं, जिन्हें ‘भोजपुरिया रॉकस्टार’ कहा जाता है। वे 2014 से सक्रिय हैं और ‘हैलो कौन’ के लिए सबसे ज़्यादा जाने जाते हैं।
रितेश पांडे का असली नाम क्या है?
उनका असली नाम रितेश रंजन है। उनका जन्म 14 मई 1991 को हुआ था।
‘हैलो कौन’ गाने के कितने व्यूज़ हैं?
2 अक्टूबर 2026 तक YouTube पर 105.7 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़। यह 100 करोड़ व्यूज़ पार करने वाला पहला भोजपुरी गाना है।
रितेश पांडे ने कहाँ से चुनाव लड़ा था?
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर रोहतास की करगहर सीट से। उन्हें 16,298 वोट (7.42%) मिले और वे चौथे नंबर पर रहे।
क्या रितेश पांडे अब भी जन सुराज में हैं?
नहीं। उन्होंने 12 जनवरी 2026 को पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया था, यह कहते हुए कि किसी दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है।
क्या रितेश पांडे और BSP वाले रितेश पांडे एक ही हैं?
नहीं। उत्तर प्रदेश के पूर्व BSP सांसद रितेश पांडे अलग व्यक्ति हैं। भोजपुरी गायक रितेश पांडे बिहार के सासाराम से हैं।
स्रोत: Wikipedia, Headline Planet, Aaj Tak, ThePrint, India TV और चुनाव आयोग के करगहर नतीजे। ज़्यादा भोजपुरी ख़बरों के लिए देखें भोजपुरी सेक्शन।












