सीधा जवाब: पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा और संगीत के सबसे बड़े सितारों में हैं — जन्म 5 जनवरी 1986, बिहार के आरा (भोजपुर) ज़िले के जोकहरी गाँव में। पहला एल्बम ‘ओढ़नियाँ वाली’ 1997 में, महज़ 11 साल की उम्र में आया था।
2008 के ‘लॉलीपॉप लागेलू’ ने उन्हें स्टार बनाया, 2024 में काराकाट से लोकसभा चुनाव हारे, और 1 जुलाई 2026 को उन्होंने बिहार विधान परिषद में MLC के तौर पर शपथ ली।
भोजपुरी इंडस्ट्री में कोई एक नाम ऐसा है जिस पर बात किए बिना दिन नहीं गुज़रता, तो वह पवन सिंह हैं। लेकिन उनका परिचय आम तौर पर आधा ही बताया जाता है — या तो गाने, या फिर विवाद। असल कहानी इन दोनों से लंबी है, और उसमें एक ऐसा मोड़ भी है जो किसी फ़िल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है: जिस पार्टी ने उन्हें निकाला, डेढ़ साल बाद उसी पार्टी ने उन्हें सदन में भेजा।
जोकहरी गाँव से शुरुआत
पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा (भोजपुर) ज़िले के जोकहरी गाँव में हुआ। वह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। उनके पिता रामाशंकर सिंह का 2017 में निधन हो गया था।
(एक नोट: कुछ जगह उनकी जन्मतिथि 6 मार्च 1986 भी दर्ज मिलती है। ज़्यादातर भरोसेमंद स्रोत और जन्मदिन की सालाना कवरेज 5 जनवरी पर सहमत हैं, इसलिए यहाँ वही रखी गई है।)
11 साल की उम्र में पहला एल्बम
संगीत का शौक़ बचपन से था, और 1997 में, जब वह सिर्फ़ 11 साल के थे, उनका पहला भोजपुरी एल्बम ‘ओढ़नियाँ वाली’ आया। यह वह दौर था जब भोजपुरी संगीत ऑडियो कैसेट के भरोसे चलता था और स्थानीय स्तर पर ही बिकता था।
असली धमाका आया 2008 में — एल्बम ‘लॉलीपॉप लागेलू’ के साथ। यह गाना आरा और आसपास के इलाक़ों से निकलकर पूरे भोजपुरी बेल्ट में छा गया और पवन सिंह रातों-रात स्टार बन गए। आज भी उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान यही गाना है।
फ़िल्मों का सफ़र
गायकी से पहचान बनने के बाद उन्होंने अभिनय की तरफ़ रुख़ किया। उनकी पहली बड़ी फ़िल्म ‘रंगीली चुनरिया तोहरे नाम’ थी, जो 2007 में आई। लेकिन जिस फ़िल्म ने उन्हें बतौर हीरो जमाया, वह थी ‘प्रतिज्ञा’ (2009)।
इसके बाद का हिसाब गिनना मुश्किल है — वह 100 से ज़्यादा भोजपुरी फ़िल्मों और इतने ही एल्बमों का हिस्सा रह चुके हैं। हिंदी सिनेमा में भी उनकी आवाज़ पहुँची: फ़िल्म ‘स्त्री 2’ में उन्होंने प्लेबैक गाया।
2026 में वह भोजपुरी की सबसे चर्चित चीज़ों में रहे — पहले JioHotstar और Colors के रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में, और फिर अपनी नई फ़िल्म ‘जियो मेरी जान’ के टीज़र के साथ, जो दशहरे पर रिलीज़ होनी है। निरहुआ और रवि किशन के साथ उनकी ‘पटना से पाकिस्तान 2’ भी चर्चा में है।
पुरस्कार
| साल | पुरस्कार (IBFA) |
|---|---|
| 2016 | सर्वश्रेष्ठ गायक |
| 2017 | सर्वश्रेष्ठ गायक |
| 2017 | सर्वश्रेष्ठ अभिनेता |
| 2018 | सबसे लोकप्रिय अभिनेता |
| 2019 | सबसे लोकप्रिय अभिनेता |
निजी ज़िंदगी
पवन सिंह की पहली शादी नीलम सिंह से हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद, मार्च 2015 में, उनका निधन हो गया — रिपोर्ट्स के मुताबिक़ यह आत्महत्या का मामला था। यह उनके जीवन का सबसे कम बोला गया अध्याय है; ‘भोजपुरी बवाल’ के सेट पर नीलम को याद करते हुए वह भावुक हो गए थे।
दूसरी शादी 2018 में ज्योति सिंह से हुई। यह रिश्ता लंबे समय से क़ानूनी विवाद में रहा है और दोनों पक्षों के बयान समय-समय पर सार्वजनिक होते रहे हैं। चूँकि मामला अदालत में है, यहाँ किसी एक पक्ष का दावा तथ्य की तरह दर्ज नहीं किया जा रहा।
राजनीति — और वह मोड़ जो कहानी बदल देता है
पवन सिंह 2014 में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े। असली उठापटक 2024 के लोकसभा चुनाव में हुई, और वह क्रम इस तरह चला:
| कब | क्या हुआ |
|---|---|
| मार्च 2024 | BJP ने पश्चिम बंगाल की आसनसोल सीट से टिकट दिया — पवन सिंह ने टिकट लौटा दिया |
| अप्रैल–मई 2024 | बिहार की काराकाट सीट से निर्दलीय लड़ने का ऐलान, जहाँ NDA उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा थे। उनकी माँ ने भी नामांकन भरा, फिर वापस ले लिया |
| मई 2024 | पार्टी उम्मीदवार के ख़िलाफ़ लड़ने पर BJP ने उन्हें निष्कासित कर दिया |
| 4 जून 2024 | नतीजा — हार, लेकिन दूसरे नंबर पर |
| अक्टूबर 2025 | औपचारिक रूप से BJP में वापसी |
| जून 2026 | BJP ने विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया; निर्विरोध निर्वाचित |
| 1 जुलाई 2026 | पटना में MLC की शपथ |
काराकाट 2024 का नतीजा — असली आँकड़े
इस चुनाव को अक्सर “पवन सिंह ने NDA का खेल बिगाड़ दिया” कहकर छोड़ दिया जाता है। आँकड़े इससे ज़्यादा साफ़ कहानी बताते हैं — वह NDA उम्मीदवार से आगे रहे:
| स्थान | उम्मीदवार | दल | वोट |
|---|---|---|---|
| 1 | राजा राम सिंह | CPI(ML) — महागठबंधन | 3,79,581 |
| 2 | पवन सिंह | निर्दलीय | 2,74,723 |
| 3 | उपेंद्र कुशवाहा | NDA | 2,53,876 |
जीत का अंतर 1,05,858 वोट रहा। सीट पर मतदान 53.44% हुआ, जो 2019 के 49.09% से 4.35 प्रतिशत अंक ज़्यादा था।
शपथ लेने के बाद उन्होंने सरकार से पहली बड़ी माँग भोजपुरी इंडस्ट्री के लिए रखी — बिहार में फ़िल्म सिटी बनाने की। उसी दौर की एक और तस्वीर चर्चा में रही थी, जब वह लालू यादव के पैर छूते दिखे।
नेटवर्थ पर एक साफ़ बात
पवन सिंह की संपत्ति को लेकर इंटरनेट पर कई आँकड़े घूमते हैं, लेकिन वे आपस में इतने अलग हैं कि किसी एक को तथ्य कहना ग़लत होगा। इसलिए यहाँ कोई नेटवर्थ का आँकड़ा नहीं दिया जा रहा — जब कोई सत्यापित आँकड़ा सामने आएगा, यह पेज अपडेट कर दिया जाएगा।
पवन सिंह — एक नज़र में
| जन्म | 5 जनवरी 1986, जोकहरी गाँव, आरा (भोजपुर), बिहार |
| पहचान | गायक, अभिनेता, राजनेता |
| पहला एल्बम | ‘ओढ़नियाँ वाली’ (1997), उम्र 11 साल |
| सबसे बड़ा गाना | ‘लॉलीपॉप लागेलू’ (2008) |
| पहली बड़ी फ़िल्म | ‘रंगीली चुनरिया तोहरे नाम’ (2007) |
| ब्रेकथ्रू फ़िल्म | ‘प्रतिज्ञा’ (2009) |
| फ़िल्में | 100 से ज़्यादा |
| हिंदी सिनेमा | ‘स्त्री 2’ में प्लेबैक |
| राजनीति | BJP (2014); निष्कासन मई 2024; वापसी अक्टूबर 2025; MLC शपथ 1 जुलाई 2026 |
| 2026 में | ‘भोजपुरी बवाल’, ‘जियो मेरी जान’ (दशहरा रिलीज़) |
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
पवन सिंह कौन हैं?
वह भोजपुरी सिनेमा और संगीत के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं — गायक, अभिनेता और अब राजनेता। जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा (भोजपुर) ज़िले के जोकहरी गाँव में हुआ। 1 जुलाई 2026 से वह बिहार विधान परिषद के सदस्य (MLC) हैं।
पवन सिंह का पहला गाना या एल्बम कौन-सा था?
उनका पहला भोजपुरी एल्बम ‘ओढ़नियाँ वाली’ था, जो 1997 में आया — तब वह सिर्फ़ 11 साल के थे। उन्हें असली पहचान 2008 के ‘लॉलीपॉप लागेलू’ से मिली।
पवन सिंह की पहली फ़िल्म कौन-सी थी?
‘रंगीली चुनरिया तोहरे नाम’ (2007)। बतौर हीरो उनकी पहचान 2009 की ‘प्रतिज्ञा’ से बनी।
पवन सिंह 2024 का लोकसभा चुनाव कहाँ से लड़े और क्या हुआ?
बिहार की काराकाट सीट से, निर्दलीय। वह 2,74,723 वोट लेकर दूसरे नंबर पर रहे। CPI(ML) के राजा राम सिंह 3,79,581 वोट से जीते, और NDA के उपेंद्र कुशवाहा 2,53,876 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
पवन सिंह को BJP ने क्यों निकाला था, और वापसी कब हुई?
मई 2024 में, क्योंकि उन्होंने काराकाट में पार्टी के NDA उम्मीदवार के ख़िलाफ़ निर्दलीय चुनाव लड़ा। अक्टूबर 2025 में वह औपचारिक रूप से पार्टी में लौटे और जून 2026 में BJP के टिकट पर निर्विरोध MLC चुने गए।
पवन सिंह की पत्नी कौन हैं?
पहली पत्नी नीलम सिंह थीं, जिनका मार्च 2015 में निधन हो गया। दूसरी शादी 2018 में ज्योति सिंह से हुई; यह रिश्ता लंबे समय से क़ानूनी विवाद में है।
स्रोत: विकिपीडिया · आज तक · प्रभात ख़बर · Business Standard












