खेसारी लाल यादव कौन हैं: ₹12,000 का एल्बम पिटा, दिल्ली में लिट्टी बिकी — और छपरा में 7,600 वोट से हार

By Riya Mehta

Published On:

Follow Us
खेसारी लाल यादव कौन हैं — ₹12,000 का एल्बम पिटा, दिल्ली में लिट्टी बिकी, और छपरा में 7,600 वोट से हार

सीधा जवाब: खेसारी लाल यादव भोजपुरी सिनेमा के सबसे बड़े गायक-अभिनेताओं में हैं। असली नाम शत्रुघ्न कुमार यादव, जन्म 15 मार्च 1986, बिहार के सारण ज़िले के धनडीह गाँव में। 70 से ज़्यादा फ़िल्में और 5,000 से ज़्यादा गाने

दिल्ली के ओखला में लिट्टी-चोखा बेचने से शुरुआत, ₹12,000 का पहला एल्बम फ़्लॉप, ‘बिग बॉस 13’ में वाइल्डकार्ड एंट्री — और 2025 में छपरा से चुनाव लड़कर हार।

भोजपुरी में स्टार बनने के दो रास्ते रहे हैं — एक मंच से, दूसरा संघर्ष से। खेसारी लाल यादव दूसरे रास्ते का सबसे बड़ा नाम हैं। उनकी कहानी में एक ठेला भी है, ₹12,000 का एक पिटा हुआ एल्बम भी, ट्रेन के डिब्बों में ख़ुद कैसेट बेचना भी, और अंत में एक ऐसी लोकप्रियता भी जो इंडस्ट्री के बाहर तक पहुँची।

यह पेज उनके बारे में वो सब एक जगह रखता है जो अक्सर बिखरा हुआ मिलता है: असली नाम, गाँव, संघर्ष, फ़िल्में, ‘बिग बॉस’, राजनीति और वह ताज़ा विवाद जिसने उन्हें अपनी ही पार्टी के निशाने पर ला दिया।

खेसारी लाल यादव कौन हैं — एक नज़र में

असली नामशत्रुघ्न कुमार यादव
जन्म15 मार्च 1986
जन्मस्थानधनडीह गाँव, सारण ज़िला, बिहार
पेशागायक, अभिनेता
पत्नीचंदा देवी (विवाह 2006)
बच्चेएक बेटा, एक बेटी
पहला एल्बम2008
भोजपुरी फ़िल्म डेब्यू‘साजन चले ससुराल’ (2011)
फ़िल्में70 से ज़्यादा
गाने5,000 से ज़्यादा
बॉलीवुड प्लेबैक डेब्यू‘AK-47’, फ़िल्म ‘कोयलांचल’ (2014)
हिंदी फ़िल्म डेब्यू‘ग्लोबल बाबा’ (2016)
रियलिटी शो‘बिग बॉस 13’ (वाइल्डकार्ड), ‘यारों की बारात’ (2016)
राजनीतिRJD प्रत्याशी, छपरा विधानसभा, बिहार चुनाव 2025 — हार

रामायण के मंच से ओखला की लिट्टी तक

खेसारी का शुरुआती मंच फ़िल्म का सेट नहीं, गाँव का रंगमंच था। 1998–99 के आसपास उन्होंने भोजपुरी थिएटर में काम शुरू किया, जहाँ वे रामायण और महाभारत के प्रसंगों में गाते थे। उन्होंने लौंडा नाच भी सीखा — भोजपुरी की वह पारंपरिक लोक-नृत्य शैली जिसे इंडस्ट्री आज भी अपने इतिहास का हिस्सा मानती है।

मंच से पेट नहीं भरा। परिवार दिल्ली के ओखला पहुँचा और वहाँ खेसारी ने माता-पिता और पत्नी के साथ मिलकर लिट्टी-चोखा बेचना शुरू किया। यह वही दौर है जिसका ज़िक्र वे आज भी अपने इंटरव्यू में करते हैं, और यही उनकी छवि की जड़ भी है — भोजपुरी दर्शक उन्हें “अपने बीच से निकला हुआ” मानता है, यह बात इसी हिस्से से आती है।

₹12,000 का पहला एल्बम, ₹25,000 का दूसरा — और ट्रेन में ख़ुद बेचे कैसेट

लिट्टी बेचकर जो पैसे बचे, उन्हीं से खेसारी ने अपना पहला एल्बम बनाया। लागत थी क़रीब ₹12,000। एल्बम बुरी तरह पिट गया।

दूसरी कोशिश ₹25,000 की थी, और इस बार जवाब बेहतर मिला। लेकिन असली फ़र्क़ पैसे से नहीं, तरीक़े से पड़ा — खेसारी ने बिहार और उत्तर प्रदेश में ट्रेन से घूम-घूमकर ख़ुद अपने एल्बम बेचे और प्रचार किया। कोई लेबल, कोई प्रमोशन बजट, कोई इंडस्ट्री सपोर्ट नहीं। पहला एल्बम 2008 में आया।

यह हिस्सा उनकी कहानी में सबसे ज़्यादा दोहराया जाता है, और वाजिब वजह से: भोजपुरी में उस दौर के ज़्यादातर बड़े नाम पहले गायक बने, फिर हीरो। खेसारी उसी रास्ते पर चले, बस बिना किसी सहारे के।

‘साजन चले ससुराल’ से 70 फ़िल्मों तक

गाने चल निकले तो कैमरा भी आया। खेसारी ने भोजपुरी सिनेमा में डेब्यू किया ‘साजन चले ससुराल’ (2011) से, और वहाँ से रास्ता तेज़ी से खुलता चला गया। एक दशक से ज़्यादा के करियर में उन्होंने 70 से ज़्यादा फ़िल्में कीं और 5,000 से ज़्यादा गानों में आवाज़ दी।

बॉलीवुड में उनकी पहली दस्तक बतौर गायक हुई — 2014 की फ़िल्म ‘कोयलांचल’ का गाना ‘AK-47’। दो साल बाद ‘ग्लोबल बाबा’ (2016) से हिंदी फ़िल्मों में अभिनय की शुरुआत की।

पुरस्कारों की सूची भी छोटी नहीं है: 2016 में भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट पॉपुलर एक्टर, 2018 में सबरंग फ़िल्म अवॉर्ड्स में ‘मेहंदी लगा के रखना’ के लिए बेस्ट एक्टर और बेस्ट प्लेबैक सिंगर दोनों, और 2019 में फ़िल्म ‘संघर्ष’ के लिए चार पुरस्कार।

‘बिग बॉस 13’ — 36वें दिन एंट्री, 55वें दिन विदाई

भोजपुरी के बाहर खेसारी को सबसे बड़ी पहचान 2019 में मिली, जब वे ‘बिग बॉस 13’ में वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट के तौर पर घर में गए। वे शो के 36वें दिन अंदर आए और 55वें दिन बाहर हो गए — यानी क़रीब 19 दिन।

यह ठहराव जीत के लिहाज़ से छोटा था, लेकिन असर के लिहाज़ से नहीं। ‘बिग बॉस 13’ हिंदी टीवी के सबसे ज़्यादा देखे गए सीज़न में गिना जाता है, और उसी के ज़रिए खेसारी का चेहरा उस दर्शक तक पहुँचा जो भोजपुरी फ़िल्में नहीं देखता। इससे पहले वे 2016 में ‘यारों की बारात’ के एक एपिसोड में भी दिख चुके थे।

भोजपुरी और ‘बिग बॉस’ का रिश्ता पुराना है — दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ ‘बिग बॉस 6’ में गए थे, और इस साल आम्रपाली दुबे ‘बिग बॉस 20’ के घर में हैं। निरहुआ की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें

छपरा का चुनाव — और 7,600 वोट की हार

अक्टूबर 2025 में खेसारी लाल यादव को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए छपरा सीट से प्रत्याशी घोषित किया। छपरा उसी सारण ज़िले में है जहाँ उनका गाँव है — यानी लड़ाई अपने ही इलाक़े में थी।

नतीजा उनके पक्ष में नहीं गया। खेसारी भाजपा की छोटी कुमारी से 7,600 से ज़्यादा वोट के अंतर से हार गए। हार के बाद उन्होंने राजनीति से दूरी बनाने की बात कही।

एक बात जो यहाँ जान-बूझकर नहीं लिखी गई है: चुनाव के समय उनकी संपत्ति को लेकर कई आँकड़े चले, लेकिन अलग-अलग रिपोर्टों में ये आँकड़े एक-दूसरे से काफ़ी अलग हैं। जब तक कोई एक भरोसेमंद, सत्यापित आँकड़ा सामने नहीं आता, यहाँ कोई रक़म दर्ज नहीं की जाएगी।

ताज़ा विवाद — प्रशांत किशोर का समर्थन और निष्कासन की माँग

राजनीति से दूरी वाली बात ज़्यादा नहीं टिकी। अगस्त 2026 में खेसारी ने बाँकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर के लिए वोट माँगा — जबकि उसी सीट पर RJD का अपना प्रत्याशी मैदान में था।

3 अगस्त को नतीजा आया: प्रशांत किशोर 19,324 वोट से जीते और RJD प्रत्याशी 14,273 वोट पर तीसरे नंबर पर रहे। इसके बाद RJD नेताओं ने कहा कि पार्टी ने खेसारी को चुनाव का टिकट दिया था, और इसके बावजूद किसी दूसरे दल के उम्मीदवार का प्रचार करना पार्टी निष्ठा के सीधे ख़िलाफ़ है। पार्टी के भीतर से उनके निष्कासन की माँग उठी। इस पूरे मामले का ब्यौरा यहाँ है

इंडस्ट्री के भीतर की बहसें

खेसारी भोजपुरी की उन कुछ हस्तियों में हैं जिनका नाम इंडस्ट्री की लगभग हर बड़ी बहस में आता है।

2026 के रियलिटी शो ‘भोजपुरी बवाल’ में वे नहीं थे, और इसकी वजह उन्होंने ख़ुद बताई — “ऑफ़र पहले मुझे आया था, पर मैं महँगा हूँ”। उसी दौर में रानी चटर्जी ने भी उन पर सार्वजनिक तंज़ कसा था

भोजपुरी सिनेमा की और ख़बरें भोजपुरी सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

खेसारी लाल यादव का असली नाम क्या है?

शत्रुघ्न कुमार यादव। ‘खेसारी लाल यादव’ उनका मंच-नाम है।

खेसारी लाल यादव कहाँ के रहने वाले हैं?

बिहार के सारण ज़िले के धनडीह गाँव के। उनका जन्म 15 मार्च 1986 को हुआ था।

खेसारी लाल यादव ने करियर की शुरुआत कैसे की?

1998–99 के आसपास भोजपुरी थिएटर में गाकर, जहाँ वे रामायण और महाभारत के प्रसंग गाते थे। बाद में परिवार के साथ दिल्ली के ओखला में लिट्टी-चोखा बेचा और उसी बचत से ₹12,000 में पहला एल्बम बनाया, जो फ़्लॉप रहा।

खेसारी लाल यादव ‘बिग बॉस’ के किस सीज़न में गए थे?

‘बिग बॉस 13’ (2019) में, बतौर वाइल्डकार्ड कंटेस्टेंट। वे 36वें दिन घर में आए और 55वें दिन बाहर हो गए।

खेसारी लाल यादव ने कितनी फ़िल्में और गाने किए हैं?

70 से ज़्यादा फ़िल्में और 5,000 से ज़्यादा गाने। भोजपुरी में उनकी पहली फ़िल्म ‘साजन चले ससुराल’ (2011) थी।

क्या खेसारी लाल यादव चुनाव लड़े हैं?

हाँ। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में वे RJD के टिकट पर छपरा से लड़े और भाजपा की छोटी कुमारी से 7,600 से ज़्यादा वोट के अंतर से हारे।


स्रोत: Khesari Lal Yadav — Wikipedia · आज तक — छपरा विधानसभा चुनाव 2025

Riya Mehta covers Hindi entertainment news at Sabhi Saman, with a focus on Bollywood, Bhojpuri cinema, and OTT releases. She tracks trending celebrity stories and verifies them against credible sources before writing.

You Might Also Like

Leave a Comment