काजल राघवानी कौन हैं: पहली फ़िल्म भोजपुरी नहीं गुजराती थी — और जन्मस्थान पर विकिपीडिया ख़ुद उलझा है

By Riya Mehta

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काजल राघवानी कौन हैं — पहली फिल्म भोजपुरी नहीं गुजराती थी, और जन्मस्थान पर विकिपीडिया खुद उलझा है

सीधा जवाब: काजल राघवानी भोजपुरी सिनेमा की सबसे बड़ी और सबसे ज़्यादा फ़ीस लेने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। उनका करियर 2011 से चल रहा है, और भोजपुरी में उनकी पहली फ़िल्म ‘सुगना’ (2011) थी।

लेकिन उनके नाम से जुड़ी सबसे पहली फ़िल्म भोजपुरी की नहीं है — वह 2009 की गुजराती फ़िल्म ‘हवे मारे हीरा नथी घसवा’ है। और उनका जन्मस्थान आज भी विवादित है: विकिपीडिया के इन्फ़ोबॉक्स में पुणे लिखा है, जबकि उसी पेज की श्रेणी उन्हें बेगूसराय का बताती है।

भोजपुरी सिनेमा की सबसे पहचानी जाने वाली हीरोइनों में एक नाम काजल राघवानी का है। पिछले एक दशक में जो जोड़ियाँ भोजपुरी के सबसे बड़े हिट देती रहीं, उनमें उनका नाम बार-बार आता है।

फिर भी उनके बारे में सबसे बुनियादी दो बातें — वह कब पैदा हुईं और कहाँ — आज तक साफ़ नहीं हैं। यह पेज उन्हीं दोनों से शुरू होता है, क्योंकि इंटरनेट पर इस मामले में जो कुछ लिखा है, वह एक-दूसरे से उलटा है।

एक नज़र में

नामकाजल राघवानी
कामअभिनेत्री — मुख्य रूप से भोजपुरी सिनेमा
करियर2011 से सक्रिय
पहली फ़िल्म (कुल)‘हवे मारे हीरा नथी घसवा’ (2009), गुजराती
भोजपुरी डेब्यू‘सुगना’ (2011)
जन्मतिथिपुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं (नीचे देखें)
जन्मस्थानविवादित — पुणे या बेगूसराय (नीचे देखें)
बड़ा अवॉर्डIBFA 2016, बेस्ट एक्ट्रेस (पीपल्स चॉइस), दुबई
इंस्टाग्राम54 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स
ताज़ा फ़िल्म‘पिया का घर’

जन्मतिथि और जन्मस्थान: जो दावे चलते हैं, और जो पुष्ट है

यह हिस्सा साफ़-साफ़ लिखना ज़रूरी है, क्योंकि दर्जनों बायोग्राफ़ी वेबसाइटें एक ही आँकड़ा एक-दूसरे से नक़ल करती हैं और वह आँकड़ा कहीं पुष्ट नहीं होता।

जो दावा सबसे ज़्यादा दोहराया जाता है: जन्म 20 जुलाई 1990, तेघरा, बेगूसराय (बिहार)।

जो असल में दर्ज है: अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर उनके पेज पर जन्मतिथि का कॉलम ख़ाली है, और वह पेज उन्हें ‘जिनका जन्म वर्ष अज्ञात है’ वाली श्रेणी में रखता है। यानी वहाँ कोई जन्म वर्ष दर्ज ही नहीं है।

जन्मस्थान का मामला इससे भी उलझा हुआ है। उसी विकिपीडिया पेज के इन्फ़ोबॉक्स में ‘पुणे, महाराष्ट्र’ लिखा है — बिना किसी हवाले के। और उसी पेज की नीचे दी गई श्रेणी में ‘बेगूसराय के लोग’ दर्ज है। एक ही पेज, दो उलटी जानकारियाँ।

इसलिए इस पेज पर हम न 1990 को उनकी जन्मतिथि बता रहे हैं, न पुणे या बेगूसराय में से किसी एक को उनका जन्मस्थान। जो चीज़ पुष्ट नहीं है, उसे पुष्ट बताकर लिखना ग़लत जानकारी फैलाना है — भले सारी वेबसाइटें वही लिख रही हों।

एक और जानकारी जो अमर उजाला की एक रिपोर्ट में दर्ज है: उन्होंने 16 साल की उम्र में बड़े पर्दे पर क़दम रखा था।

गुजराती फ़िल्म से शुरुआत — वह हिस्सा जो लगभग कोई नहीं बताता

काजल राघवानी को भोजपुरी की हीरोइन के तौर पर जाना जाता है, लेकिन उनकी फ़िल्मोग्राफ़ी में सबसे पहला नाम भोजपुरी का नहीं है।

वह फ़िल्म है ‘हवे मारे हीरा नथी घसवा’ (2009) — एक गुजराती फ़िल्म। भोजपुरी में उनकी शुरुआत इसके दो साल बाद ‘सुगना’ (2011) से हुई, और यहीं से उनका असली करियर बना।

2013 में ‘रिहाई’ आई, और इसके बाद रफ़्तार तेज़ हो गई।

2014–2017: वे फ़िल्में जिन्होंने उन्हें पहली क़तार में पहुँचाया

2014 में ‘प्रतिज्ञा 2’ और ‘देवरा भइल दीवाना’ आईं। 2015 में ‘पटना से पाकिस्तान’ आई, जिसमें उनका किरदार कोमल था — यह फ़िल्म उनके करियर की सबसे चर्चित फ़िल्मों में गिनी जाती है। उसी साल ‘हुकूमत’ और ‘बज गइल डंका’ भी आईं।

2016 उनके लिए सबसे व्यस्त साल रहा — ‘भोजपुरिया राजा’, ‘जानेमन’, ‘इंतक़ाम’ (किरदार: श्वेता), ‘आशिक़ आवारा’, ‘दबंग आशिक़’ और ‘लगी तोहसे लगन’।

2017 में दो फ़िल्में ऐसी आईं जो आज भी उनके नाम से सबसे पहले जुड़ती हैं:

  • ‘मेहंदी लगा के रखना’ — जिसमें उनके किरदार का नाम भी ‘काजल’ था।
  • ‘मैं सेहरा बांध के आऊंगा’ — किरदार: पूजा।

इसी साल उन्होंने एक हिंदी-उर्दू फ़िल्म ‘मजाज़: ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ’ में भी काम किया — भोजपुरी के बाहर उनका एक कम चर्चित क़दम।

जोड़ियाँ: खेसारी, पवन सिंह और रितेश पांडेय

भोजपुरी में करियर बड़ी हद तक जोड़ियों पर चलता है, और काजल राघवानी इस मामले में इंडस्ट्री के तीनों बड़े नामों के साथ काम कर चुकी हैं।

खेसारी लाल यादव के साथ उनकी जोड़ी सबसे ज़्यादा चली। ‘बागी — एक योद्धा’ (2019) और ‘लिट्टी चोखा’ (2021) इसी जोड़ी की फ़िल्में हैं। खेसारी के करियर के बारे में विस्तार से हमने खेसारी लाल यादव कौन हैं पेज पर लिखा है।

पवन सिंह के साथ उन्होंने ‘तेरे जैसा यार कहाँ’ में काम किया। पवन सिंह के फ़िल्मी और राजनीतिक सफ़र पर पूरा ब्यौरा पवन सिंह कौन हैं पेज पर है।

रितेश पांडेय के साथ ‘काशी विश्वनाथ’ (2019) आई।

प्रमुख फ़िल्में — साल के हिसाब से

सालफ़िल्मकिरदार
2009हवे मारे हीरा नथी घसवा (गुजराती)
2011सुगना (भोजपुरी डेब्यू)
2014प्रतिज्ञा 2 / देवरा भइल दीवाना
2015पटना से पाकिस्तानकोमल
2017मेहंदी लगा के रखनाकाजल
2017मैं सेहरा बांध के आऊंगापूजा
2018दुल्हन गंगा पार केराधा
2018संघर्षरुख़मणी
2018बलम जी लव यूमीरा
2018नागदेवनगीना / शिवानी
2019मैंने उनको सजन चुन लियासोना
2019कुली नंबर 1रानी
2019बागी — एक योद्धा
2021दुल्हन वही जो पिया मन भायेदीया
2021लिट्टी चोखा
2025मेरे हसबैंड की शादी है

अवॉर्ड और सोशल मीडिया

2016 में दुबई में हुए इंटरनेशनल भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स (IBFA) में उन्हें बेस्ट एक्ट्रेस (पीपल्स चॉइस) अवॉर्ड मिला।

इंस्टाग्राम पर उनके 54 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं, जिसके चलते वह भोजपुरी की सबसे ज़्यादा फ़ॉलो की जाने वाली अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स उन्हें भोजपुरी की सबसे ज़्यादा फ़ीस लेने वाली अभिनेत्रियों की सूची में रखती हैं — इसी सूची में आम्रपाली दुबे, मोनालिसा, अक्षरा सिंह और रानी चटर्जी के नाम भी आते हैं।

‘भोजपुरी बवाल’ के बाद का दौर

2026 में काजल राघवानी का नाम फ़िल्मों से ज़्यादा एक रियलिटी शो की वजह से चर्चा में रहा। ‘भोजपुरी बवाल’ के दौरान और उसके बाद उन्होंने इंडस्ट्री के कई बड़े नामों पर खुलकर आरोप लगाए, और इंडस्ट्री दो हिस्सों में बँटी दिखी।

इस पूरे दौर की रिपोर्टिंग हमने अलग-अलग की है:

शो के बाद उनकी पहली फ़िल्म ‘पिया का घर’ आई — सास-बहू की कहानी में हॉरर का ट्विस्ट लिए। उसका ट्रेलर और कास्ट हमने ‘पिया का घर’ वाली रिपोर्ट में देखा था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

काजल राघवानी की पहली फ़िल्म कौन सी थी?

उनके नाम से दर्ज सबसे पहली फ़िल्म 2009 की गुजराती फ़िल्म ‘हवे मारे हीरा नथी घसवा’ है। भोजपुरी में उनकी पहली फ़िल्म ‘सुगना’ (2011) थी।

काजल राघवानी का जन्म कब और कहाँ हुआ?

इसकी पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। कई वेबसाइटें 20 जुलाई 1990, तेघरा (बेगूसराय, बिहार) लिखती हैं, लेकिन अंग्रेज़ी विकिपीडिया पर उनका जन्म वर्ष दर्ज ही नहीं है और वहाँ का इन्फ़ोबॉक्स जन्मस्थान ‘पुणे’ बताता है, जबकि उसी पेज की श्रेणी ‘बेगूसराय के लोग’ है।

काजल राघवानी की सबसे मशहूर फ़िल्में कौन सी हैं?

‘पटना से पाकिस्तान’ (2015), ‘मेहंदी लगा के रखना’ (2017), ‘मैं सेहरा बांध के आऊंगा’ (2017), ‘दुल्हन गंगा पार के’ (2018) और ‘बागी — एक योद्धा’ (2019) उनकी सबसे चर्चित फ़िल्मों में गिनी जाती हैं।

काजल राघवानी की जोड़ी किसके साथ सबसे ज़्यादा चली?

खेसारी लाल यादव के साथ। ‘बागी — एक योद्धा’ और ‘लिट्टी चोखा’ इसी जोड़ी की फ़िल्में हैं। उन्होंने पवन सिंह और रितेश पांडेय के साथ भी काम किया है।

काजल राघवानी को कोई अवॉर्ड मिला है?

हाँ — 2016 में दुबई में हुए इंटरनेशनल भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स (IBFA) में बेस्ट एक्ट्रेस (पीपल्स चॉइस) का अवॉर्ड।

काजल राघवानी की ताज़ा फ़िल्म कौन सी है?

‘पिया का घर’ — ‘भोजपुरी बवाल’ के बाद आई उनकी पहली फ़िल्म, जो सास-बहू की कहानी में हॉरर का ट्विस्ट लेकर आई।

क्या काजल राघवानी ने भोजपुरी के बाहर भी काम किया है?

हाँ। उनकी पहली फ़िल्म गुजराती थी, और 2017 में उन्होंने हिंदी-उर्दू फ़िल्म ‘मजाज़: ऐ ग़म-ए-दिल क्या करूँ’ में भी काम किया।

भोजपुरी सिनेमा की बाक़ी हस्तियों के बारे में पढ़ें — आम्रपाली दुबे, मोनालिसा — और पूरा भोजपुरी सेक्शन

स्रोत: Wikipedia (फ़िल्मोग्राफ़ी, अवॉर्ड, फ़ॉलोअर्स), The Times of India (‘बागी — एक योद्धा’)।

Riya Mehta covers Hindi entertainment news at Sabhi Saman, with a focus on Bollywood, Bhojpuri cinema, and OTT releases. She tracks trending celebrity stories and verifies them against credible sources before writing.

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