सीधा जवाब: रानी चटर्जी भोजपुरी सिनेमा की सबसे बड़ी और सबसे लंबे समय से टिकी हुई अभिनेत्रियों में हैं। उनका असली नाम सबीहा शेख़ है, जन्म 3 नवंबर 1989 को मुंबई में हुआ।
‘रानी चटर्जी’ नाम उन्होंने ख़ुद नहीं चुना — वह उनकी पहली ही फ़िल्म ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ (2004) के सेट पर रखा गया था, और उसकी वजह भी दर्ज है।
भोजपुरी सिनेमा में बीस साल टिक जाना आसान नहीं है। हीरोइनें आती हैं, दो-तीन हिट देती हैं और ग़ायब हो जाती हैं। रानी चटर्जी उस नियम का सबसे बड़ा अपवाद हैं — 2004 से आज तक वह लगातार काम कर रही हैं, और अब भी मुख्य किरदारों में हैं।
लेकिन उनकी कहानी की सबसे दिलचस्प बात उनकी फ़िल्मों में नहीं, उनके नाम में है।
एक नज़र में
| असली नाम | सबीहा शेख़ |
| जन्म | 3 नवंबर 1989, मुंबई (महाराष्ट्र) |
| पढ़ाई | तुंगारेश्वर एकेडमी हाई स्कूल, वसई |
| पहली फ़िल्म | ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ (2004), मनोज तिवारी के साथ |
| बड़ी फ़िल्में | ‘सीता’ (2007), ‘देवरा बड़ा सतावेला’ (2010), ‘नागिन’ (2013), ‘लेडी सिंघम’ (2022) |
| वेब डेब्यू | ‘मस्तराम’ (2020) |
| टीवी डेब्यू | ‘मस्त मौली’ (2023) |
| अवॉर्ड | 5 भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स, 3 इंटरनेशनल भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स |
| हाल की फ़िल्म | ‘प्रिया ब्यूटी पार्लर’ (2025) |
सबीहा शेख़ से रानी चटर्जी कैसे बनीं
रानी का जन्म मुंबई के एक मुस्लिम परिवार में हुआ और उनकी पढ़ाई वसई के तुंगारेश्वर एकेडमी हाई स्कूल में हुई। यानी वह न भोजपुरी बेल्ट से आती हैं, न उनका पारिवारिक नाम फ़िल्मी है। दोनों चीज़ें उनकी पहली फ़िल्म पर असर डाल गईं।
उनके अपने बताए मुताबिक़, 2004 की ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ की शूटिंग के दौरान एक मंदिर वाला सीन करना था, जिसमें उन्हें पूजा करनी थी। सेट पर मीडिया और भीड़ मौजूद थी, और डायरेक्टर को चिंता हुई कि उनकी मुस्लिम पहचान सामने आने पर बात बिगड़ सकती है। इसलिए उन्होंने मौक़े पर ही एक स्क्रीन नाम तय कर दिया — ‘रानी’। और सरनेम ‘चटर्जी’ इसलिए, क्योंकि उन दिनों रानी मुखर्जी का नाम सबसे ऊपर चल रहा था।
घरवालों को यह नाम शुरू में पसंद नहीं आया। रानी ने उन्हें यह कहकर मनाया कि नाम उनके लिए क़िस्मत लेकर आया है — और फ़िल्म के नतीजे ने उस दलील को मज़बूत ही किया।
‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ — वो फ़िल्म जिसने इंडस्ट्री बदल दी
2003 में शूट हुई और 2004 में रिलीज़ हुई इस फ़िल्म में उनके सामने मनोज तिवारी थे। यह फ़िल्म सिर्फ़ रानी का डेब्यू नहीं थी — इसे आज भी भोजपुरी की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म बताया जाता है, और इसी के बाद भोजपुरी सिनेमा में पैसा लौटा।
यहाँ एक संयोग दर्ज करने लायक़ है: रानी की पहली फ़िल्म के हीरो मनोज तिवारी थे, और 22 साल बाद उन्हीं मनोज तिवारी की बेटी रीति तिवारी ‘बिग बॉस 20’ के घर में हैं।
बीस साल का करियर: सीता से लेडी सिंघम तक
डेब्यू के बाद रानी ने लीड हीरोइन की जगह जल्दी पक्की कर ली। उनकी बड़ी फ़िल्मों में ‘सीता’ (2007), ‘देवरा बड़ा सतावेला’ (2010), ‘गंगा यमुना सरस्वती’ (2012), ‘नागिन’ (2013), ‘रानी नं. 786’ (2013), ‘दरिया दिल’ (2014), ‘रानी बनल ज्वाला’ (2015), ‘घरवाली बाहरवाली’ (2016), ‘रियल इंडियन मदर’ (2016), ‘रानी वेड्स राजा’ (2019) और ‘लेडी सिंघम’ (2022) शामिल हैं।
इस लिस्ट में एक पैटर्न साफ़ है — कई फ़िल्मों के नाम में ‘रानी’ है, और कई में वह अकेले टाइटल रोल में हैं। भोजपुरी जैसी हीरो-केंद्रित इंडस्ट्री में यह मामूली बात नहीं। उन्हें अब तक पाँच भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स और तीन इंटरनेशनल भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स मिल चुके हैं।
फ़िल्मों के अलावा उन्होंने 2020 में वेब सीरीज़ ‘मस्तराम’ से ओटीटी में और 2023 में ‘मस्त मौली’ से टीवी में क़दम रखा। उनकी हालिया फ़िल्म ‘प्रिया ब्यूटी पार्लर’ (2025) है, जिसे इश्तियाक़ शेख़ ने निर्देशित किया। इंस्टाग्राम पर उनके 20 लाख से ज़्यादा फ़ॉलोअर्स हैं।
‘बिग बॉस’ से रिश्ता — और वो ग़लतफ़हमी जो बार-बार लौटती है
रानी चटर्जी को अक्सर ‘बिग बॉस’ की कंटेस्टेंट समझ लिया जाता है। यह सही नहीं है। वह ‘बिग बॉस 13’ में एक डांस परफ़ॉर्मेंस के लिए पहुँची थीं, प्रतियोगी बनकर नहीं। उस दौर में उनके घर में जाने की ख़बरें ज़रूर चलीं, लेकिन वह घर में नहीं रहीं।
‘बिग बॉस’ से जुड़ा उनका सबसे चर्चित बयान 2022 का है। ‘बिग बॉस 16’ में साजिद ख़ान की एंट्री पर जब विवाद हुआ, तो रानी ने सार्वजनिक रूप से उन पर गंभीर आरोप लगाए। बॉलीवुड हंगामा और डीएनए की 17 अक्टूबर 2022 की रिपोर्टों के मुताबिक़ उन्होंने बताया कि एक फ़िल्म के आइटम नंबर के सिलसिले में उन्हें बुलाया गया था, जहाँ उनसे बेहद निजी और आपत्तिजनक सवाल पूछे गए, और उन्होंने वहीं से निकल जाने का फ़ैसला किया। यह उनका बयान है; इस पर किसी अदालती नतीजे की जानकारी सामने नहीं आई है।
आज वह किस बात पर बोल रही हैं
पिछले कुछ महीनों में रानी भोजपुरी इंडस्ट्री के भीतर की बहसों में सबसे मुखर आवाज़ों में रही हैं। उन्होंने इंडस्ट्री के ‘जोड़ी कल्चर’ पर सवाल उठाया, खेसारी लाल यादव पर तीखी टिप्पणी की, और साइज़ ज़ीरो को लेकर ट्रोल करने वालों को “मैं मोटी हूं और मुझे कोई दिक्कत नहीं” कहकर जवाब दिया।
यह एक ही तस्वीर के तीन हिस्से हैं: एक ऐसी अभिनेत्री जो इंडस्ट्री के अंदर रहते हुए उसी इंडस्ट्री के तौर-तरीक़ों पर बोलती है। भोजपुरी में यह जगह बहुत कम लोगों के पास है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रानी चटर्जी का असली नाम क्या है?
सबीहा शेख़। ‘रानी चटर्जी’ उनका स्क्रीन नाम है, जो 2004 में उनकी पहली फ़िल्म के सेट पर रखा गया था।
रानी चटर्जी की उम्र कितनी है?
उनका जन्म 3 नवंबर 1989 को मुंबई में हुआ था, यानी वह 36 साल की हैं।
रानी चटर्जी की पहली फ़िल्म कौन-सी थी?
‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ (2004), जिसमें उनके साथ मनोज तिवारी थे। इसे भोजपुरी की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फ़िल्म बताया जाता है।
क्या रानी चटर्जी भोजपुरी बेल्ट से हैं?
नहीं। उनका जन्म और परवरिश मुंबई में हुई — वह भोजपुरी सिनेमा में बाहर से आईं और यहीं टिक गईं।
क्या रानी चटर्जी ‘बिग बॉस’ में कंटेस्टेंट रही हैं?
नहीं। वह ‘बिग बॉस 13’ में सिर्फ़ एक डांस परफ़ॉर्मेंस के लिए गई थीं।
रानी चटर्जी को कितने अवॉर्ड मिले हैं?
पाँच भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स और तीन इंटरनेशनल भोजपुरी फ़िल्म अवॉर्ड्स।
और पढ़ें: भोजपुरी | काजल राघवानी कौन हैं | मोनालिसा कौन हैं
स्रोत: विकिपीडिया, बॉलीवुड हंगामा












