तमिल फ़िल्में देखने वालों के लिए वत्सला राजगोपाल का चेहरा “दादी” का दूसरा नाम था — कभी हँसाने वाली, कभी डाँटने वाली, हर हाल में घर की बुज़ुर्ग। हिंदी दर्शक भी उन्हें बिना नाम जाने पहचानते हैं, क्योंकि ‘रोजा’ और ‘अपरिचित’ दोनों हिंदी में डब होकर आईं, और ‘रोजा’ तो हिंदी में भी ख़ूब चली। सबसे अनोखी बात: उनकी पहली फ़िल्म ‘रोजा’ 1992 में आई, जब वे क़रीब 60 साल की थीं।
वत्सला राजगोपाल का निधन: उम्र 92 या 93?
WION, Daijiworld और कई दूसरी रिपोर्ट्स ने उनकी उम्र 93 साल लिखी। लेकिन India.com ने अपनी ख़बर के मुख्य हिस्से में 92 लिखा, और विकिपीडिया पर दर्ज जन्मतिथि — 25 दिसंबर 1933 — के हिसाब से भी वे 30 अक्टूबर 2026 को 92 साल की थीं। 25 दिसंबर को वे 93 की होतीं। 93 शायद इसलिए लिखा गया कि वे अपने 93वें साल में चल रही थीं। हम यहाँ 92 मान रहे हैं, क्योंकि दर्ज जन्मतिथि यही कहती है।
उनके निधन की ख़बर सबसे पहले तमिल मीडिया में आई। अभिनेता कायल देवराज ने X पर लिखा — “Actress #VatsalaRajagopal Madam Passed Away.” तेलुगु मीडिया ने उन्हें जूनियर एनटीआर की ‘अदुर्स’ (2010) वाली अभिनेत्री के रूप में याद किया।
वत्सला राजगोपाल कौन थीं: तिरुवनंतपुरम से मंच तक
India.com के मुताबिक़ उनका जन्म और परवरिश तिरुवनंतपुरम (केरल) में हुई, जहाँ स्कूल के दिनों से ही उन्हें नृत्य और नाटक में दिलचस्पी थी। 1953 में शादी के बाद वे चेन्नई आ गईं और अकाउंटेंट जनरल के दफ़्तर में क्लर्क की नौकरी की। दिलचस्प संयोग यह कि बाद में मशहूर निर्देशक बने के. बालचंदर उस समय उसी दफ़्तर में वरिष्ठ अधिकारी थे।
अभिनय की असली पाठशाला रंगमंच रहा। वे कार्टूनिस्ट श्रीधरन के थिएटर ग्रुप ‘रसिका रंगा’ से जुड़ीं। विकिपीडिया के मुताबिक़ 1979 से मंच पर सक्रिय रहीं और 25 साल में क़रीब 450 नाटकों में काम किया। यही नाटक उन्हें फ़िल्मकारों की नज़र तक ले गए।
एक सावधानी: India.com ने “रिपोर्ट्स के हवाले से” लिखा कि उन्होंने 400 से ज़्यादा फ़िल्मों में काम किया। यह आँकड़ा किसी फ़िल्म-सूची से मेल नहीं खाता — विकिपीडिया पर उनकी क़रीब 20 फ़िल्में दर्ज हैं। ज़्यादा संभावना है कि 400+ का आँकड़ा नाटकों का है, फ़िल्मों का नहीं।
60 की उम्र में ‘रोजा’ से फ़िल्मी शुरुआत
‘रोजा’ 15 अगस्त 1992 को रिलीज़ हुई। अरविंद स्वामी और मधु की इस फ़िल्म में वत्सला ने रोजा (मधु) की दादी का किरदार निभाया। फ़िल्म ने तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते — ए.आर. रहमान को सर्वश्रेष्ठ संगीत, वैरामुथु को सर्वश्रेष्ठ गीतकार, और राष्ट्रीय एकता पर सर्वश्रेष्ठ फ़िल्म का नरगिस दत्त अवॉर्ड। हिंदी, तेलुगु, मराठी और मलयालम में डब होकर भी यह उतनी ही कामयाब रही; विकिपीडिया के मुताबिक़ सिर्फ़ हिंदी साउंडट्रैक की 28 लाख यूनिट बिकीं।
इसके बाद तमिल सिनेमा को एक भरोसेमंद “दादी” मिल गई। 2005 में शंकर की ‘अन्नियन’ में वे विक्रम के किरदार अम्बी की दादी बनीं — यही फ़िल्म 19 मई 2006 को हिंदी में ‘अपरिचित’ नाम से आई। उन्होंने एक हिंदी फ़िल्म ‘और एक प्रेम कहानी’ (1996) में भी काम किया।
वत्सला राजगोपाल की फ़िल्में
| साल | फ़िल्म | किरदार |
| 1992 | रोजा | रोजा की दादी |
| 1995 | सती लीलावती | अम्बुजम मामी |
| 1996 | और एक प्रेम कहानी (हिंदी) | डॉ. इलावती |
| 1997 | कालमेल्लाम कादल वाऴ्गा | कौसल्या की दादी |
| 2000 | रिदम | कार्तिकेयन की माँ |
| 2003 | विनर | नीलवेनी की दादी |
| 2005 | अन्नियन (हिंदी: अपरिचित) | अम्बी की दादी |
| 2007 | मोझी | अर्चना की दादी |
| 2008 | धाम धूम | गौतम की दादी |
| 2010 | अदुर्स (तेलुगु) | चारी की दादी |
| 2013 | कल्याण समयल सादम | मीरा की दादी |
(चुनिंदा फ़िल्में; सूची विकिपीडिया के मुताबिक़।)
टीवी पर ‘चित्ति’ की अम्बुजम मामी
फ़िल्मों से ज़्यादा लंबा सफ़र उनका टेलीविज़न पर रहा। 1990 के दशक से वे तमिल धारावाहिकों का जाना-पहचाना चेहरा थीं — ‘चित्ति’ (1999–2001) में अम्बुजम मामी, ‘आनंदम’, ‘वसंतम’ (2007–2012), ‘मगल’ और ‘मुंधानै मुडिचु’। निर्देशक बालू महेंद्रा की एंथोलॉजी ‘कदई नेरम’ (2000) में भी उन्होंने काम किया। विकिपीडिया के मुताबिक़ उनका आख़िरी काम 2013–2015 के बीच ‘पुदु कविदै’ और ‘उयिरमेई’ जैसे धारावाहिकों में था।
पिछले कुछ हफ़्तों में दक्षिण भारतीय सिनेमा ने कई पुराने नाम खोए हैं — संगीतकार देवा और ‘पुष्पक’ के निर्देशक सिंगीतम श्रीनिवास राव भी इसी महीने गए। टीवी जगत से ‘CID’ बनाने वाले बीपी सिंह का निधन भी इसी हफ़्ते हुआ।
एक नज़र में
| नाम | वत्सला राजगोपाल |
| जन्म | 25 दिसंबर 1933 (विकिपीडिया); परवरिश तिरुवनंतपुरम में |
| निधन | 30 अक्टूबर 2026, चेन्नई |
| उम्र | 92 (जन्मतिथि के हिसाब से); कई रिपोर्ट्स में 93 |
| वजह | उम्र से जुड़ी बीमारियाँ (रिपोर्ट्स) |
| पहली फ़िल्म | रोजा (1992), क़रीब 60 की उम्र में |
| रंगमंच | ‘रसिका रंगा’ ग्रुप; क़रीब 450 नाटक |
| सक्रिय | 1979–2015 |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वत्सला राजगोपाल का निधन कब और कैसे हुआ?
30 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उम्र से जुड़ी बीमारियों के चलते।
वत्सला राजगोपाल की उम्र कितनी थी?
ज़्यादातर रिपोर्ट्स ने 93 लिखा है, पर विकिपीडिया पर दर्ज जन्मतिथि (25 दिसंबर 1933) के हिसाब से वे 92 साल की थीं।
‘रोजा’ में वत्सला राजगोपाल ने कौन-सा रोल किया था?
उन्होंने रोजा (मधु) की दादी का किरदार निभाया था। यह उनकी पहली फ़िल्म थी।
क्या वत्सला राजगोपाल ‘अपरिचित’ में थीं?
हाँ। ‘अन्नियन’ (2005) में वे अम्बी की दादी बनी थीं, और यही फ़िल्म हिंदी में ‘अपरिचित’ नाम से डब होकर 2006 में आई।
क्या उन्होंने कोई हिंदी फ़िल्म की थी?
विकिपीडिया के मुताबिक़ 1996 की हिंदी फ़िल्म ‘और एक प्रेम कहानी’ में उन्होंने डॉ. इलावती का किरदार निभाया था।
स्रोत: WION, Wikipedia, India.com। और तमिल सिनेमा की ख़बरें: तमिल।













