बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिवाली के बाद जिस पर्व का सबसे ज़्यादा इंतज़ार होता है, वो है छठ। और छठ की पहचान जितनी घाट, सूप और अर्घ्य से है, उतनी ही उसके गीतों से भी। भोजपुरी संगीत उद्योग के लिए यह साल का सबसे बड़ा मौसम है — हर बड़ा सितारा छठ पर नया गीत लाता है और पुराने गीत फिर से करोड़ों बार बजते हैं।
इस पेज पर हम बता रहे हैं कि छठ पूजा 2026 कब है, चारों दिन की तारीख़ क्या है, और शारदा सिन्हा से लेकर खेसारी लाल यादव, पवन सिंह और अक्षरा सिंह तक — कौन से छठ गीत हर घाट पर बजते हैं।
छठ पूजा 2026 कब है? चारों दिन की तारीख़
छठ पर्व कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से सप्तमी तक चार दिन चलता है। मुख्य दिन षष्ठी का होता है, इसीलिए इसे ‘सूर्य षष्ठी’ भी कहा जाता है। ड्रिक पंचांग के अनुसार 2026 में छठ पूजा (षष्ठी) रविवार, 15 नवंबर को है। षष्ठी तिथि 14 नवंबर की रात 11:23 बजे शुरू होकर 16 नवंबर की रात 2:00 बजे तक रहेगी (नई दिल्ली के समय से)।
| दिन | अनुष्ठान | तारीख़ (2026) |
|---|---|---|
| पहला दिन (चतुर्थी) | नहाय-खाय | शुक्रवार, 13 नवंबर |
| दूसरा दिन (पंचमी) | खरना | शनिवार, 14 नवंबर |
| तीसरा दिन (षष्ठी) | संध्या अर्घ्य | रविवार, 15 नवंबर |
| चौथा दिन (सप्तमी) | उषा अर्घ्य और पारण | सोमवार, 16 नवंबर |
ड्रिक पंचांग में नई दिल्ली के लिए 15 नवंबर को सूर्यास्त शाम 5:28 बजे और सूर्योदय सुबह 6:44 बजे दर्ज है। अर्घ्य का समय सूर्योदय-सूर्यास्त से जुड़ा है, जो हर शहर में अलग होता है — पटना, रांची या वाराणसी में अर्घ्य देने से पहले अपने शहर का पंचांग ज़रूर देख लें।
शारदा सिन्हा: जिनकी आवाज़ के बिना छठ अधूरा लगता है
छठ गीतों की बात शारदा सिन्हा के बिना शुरू ही नहीं हो सकती। ‘बिहार कोकिला’ कही जाने वाली शारदा सिन्हा का जन्म 1 अक्टूबर 1952 को बिहार के सुपौल ज़िले के हुलास गांव में हुआ था। उन्होंने मैथिली, भोजपुरी और मगही में गाया और अपने करियर में नौ एल्बमों में 62 छठ गीत रिकॉर्ड किए।
उन्हें 1991 में पद्मश्री, 2018 में पद्म भूषण और 2025 में मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 5 नवंबर 2024 को 72 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में उनका निधन हुआ — उसी दिन, जिस दिन 2024 का छठ पर्व नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ था। उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि छठ के मौक़े पर उनके गीत भक्ति का दिव्य माहौल बना देते हैं।
फ़िल्मों में भी उनकी आवाज़ पहुंची — ‘मैंने प्यार किया’ (1989) का ‘कहे तो से सजना’ और ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर 2’ (2012) का ‘तार बिजली’ उन्हीं के गाए हैं।
शारदा सिन्हा के सबसे मशहूर छठ गीत
- कांच ही बांस के बहंगिया — छठ का सबसे पहचाना जाने वाला गीत
- उगी हे सुरुज देव
- पहिले पहिल छठी मईया
- केलवा के पात पर
- जोड़े जोड़े सुपवा
- सुपवो ना मिले माई
- हो दीनानाथ
खेसारी बनाम पवन सिंह: छठ गीतों का ‘ब्लॉकबस्टर किंग’ कौन?
नई पीढ़ी के छठ गीतों में सबसे बड़ी टक्कर भोजपुरी के दो सबसे बड़े सितारों के बीच है। प्रभात ख़बर की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट ने दोनों के सबसे लोकप्रिय छठ गीतों के यूट्यूब व्यूज़ की तुलना की थी:
| गीत | गायक | गीतकार / चैनल | व्यूज़ (अक्टूबर 2025 तक) |
|---|---|---|---|
| छठ घाटे चली | खेसारी लाल यादव | अखिलेश कश्यप / आदिशक्ति फ़िल्म्स | 15.3 करोड़ (153 मिलियन) |
| जोड़े जोड़े फलवा (2022) | पवन सिंह | विनय बिहारी / टी-सीरीज़ हमार भोजपुरी | 13.5 करोड़ (135 मिलियन) |
यानी व्यूज़ के हिसाब से खेसारी का गीत आगे रहा, और रिपोर्ट ने उन्हें छठ गीतों का ‘ब्लॉकबस्टर किंग’ कहा। ये आंकड़े एक साल पुराने हैं और यूट्यूब व्यूज़ हर छठ पर तेज़ी से बढ़ते हैं, इसलिए आज की गिनती इससे ज़्यादा होगी। दोनों सितारों के करियर की पूरी कहानी यहां पढ़ें — खेसारी लाल यादव कौन हैं और पवन सिंह कौन हैं।
भोजपुरी सितारों के और लोकप्रिय छठ गीत
ज़ी न्यूज़ की छठ 2025 की ट्रेंडिंग लिस्ट में ये गीत शामिल थे:
| गीत | गायक |
|---|---|
| आरा पिया | खेसारी लाल यादव और पुनीता प्रिया |
| चल भौजी हाली हाली | पवन सिंह और सोनू निगम |
| बबुआ जे रहिते माई माई कहिते | पवन सिंह |
| जोड़े जोड़े फलवा | पवन सिंह और पलक मुच्छल |
| कांच ही बांस के बहंगिया | अक्षरा सिंह (नया संस्करण) |
| उग हो दीनानाथ | प्रियंका सिंह (नया संस्करण) |
| ए छठी मईया | अरविंद अकेला कल्लू |
इस लिस्ट की एक दिलचस्प बात यह है कि नए सितारे भी शारदा सिन्हा के ही गीतों को नए अंदाज़ में गा रहे हैं — अक्षरा सिंह का ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ और प्रियंका सिंह का ‘उग हो दीनानाथ’ इसके उदाहरण हैं। यानी छठ संगीत में नया जितना भी बने, जड़ें पुराने लोकगीतों में ही हैं। अक्षरा सिंह के हालिया काम पर हमारी यह रिपोर्ट पढ़ें।
छठ गीत सुनें कहां?
ऊपर दिए ज़्यादातर गीत आधिकारिक म्यूज़िक लेबल के यूट्यूब चैनलों पर मुफ़्त उपलब्ध हैं — जैसे पवन सिंह का ‘जोड़े जोड़े फलवा’ टी-सीरीज़ हमार भोजपुरी पर और खेसारी का ‘छठ घाटे चली’ आदिशक्ति फ़िल्म्स पर। पायरेटेड MP3 डाउनलोड साइट्स से बचें, क्योंकि उनसे कलाकारों को कुछ नहीं मिलता। भोजपुरी फ़िल्में ऑनलाइन कहां देखें, इसकी गाइड यहां है। भोजपुरी की बाक़ी ख़बरें भोजपुरी सेक्शन में पढ़ें।
स्रोत: ड्रिक पंचांग, प्रभात ख़बर, न्यूज़ऑनएयर
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
छठ पूजा 2026 कब है?
छठ पूजा 2026 में 13 से 16 नवंबर तक है। नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14 नवंबर, संध्या अर्घ्य 15 नवंबर और उषा अर्घ्य 16 नवंबर को है।
2026 में छठ का संध्या अर्घ्य किस दिन है?
रविवार, 15 नवंबर 2026 को। नई दिल्ली में उस दिन सूर्यास्त शाम 5:28 बजे है; अपने शहर का समय स्थानीय पंचांग से देखें।
सबसे मशहूर छठ गीत कौन सा है?
शारदा सिन्हा का ‘कांच ही बांस के बहंगिया’ छठ का सबसे पहचाना जाने वाला गीत माना जाता है। ‘उगी हे सुरुज देव’ और ‘केलवा के पात पर’ भी उतने ही लोकप्रिय हैं।
खेसारी और पवन सिंह में किसका छठ गीत ज़्यादा देखा गया?
प्रभात ख़बर की अक्टूबर 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक खेसारी लाल यादव के ‘छठ घाटे चली’ को 15.3 करोड़ और पवन सिंह के ‘जोड़े जोड़े फलवा’ को 13.5 करोड़ व्यूज़ मिले थे।
शारदा सिन्हा का निधन कब हुआ?
5 नवंबर 2024 को, दिल्ली के एम्स में। वो 72 साल की थीं। 2025 में उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण दिया गया।












