कल हमने भोजपुरी की 8 मशहूर गायिकाओं की लिस्ट दी थी। यह उसका दूसरा हिस्सा है — भोजपुरी गायक के नाम, जिनकी आवाज़ पर बिहार और पूर्वांचल से लेकर मॉरीशस और सूरीनाम तक लोग झूमते रहे हैं।
यह लिस्ट रैंकिंग नहीं है। इसमें तीन पीढ़ियाँ हैं — लोक परंपरा गढ़ने वाले पुराने नाम, कैसेट और फ़िल्मों के दौर के सितारे, और YouTube के करोड़ों व्यूज़ वाले नए गायक। हर नाम के साथ जन्मस्थान, पहचान और मशहूर गाने दिए गए हैं, और जहाँ भरोसेमंद जानकारी नहीं मिली, वहाँ साफ़ लिखा गया है।
भोजपुरी गायक के नाम: एक नज़र में
| गायक | कहाँ के | पहचान |
|---|---|---|
| भिखारी ठाकुर | कुतुबपुर, सारण (बिहार) | ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’, बिदेसिया |
| बालेश्वर यादव | मऊ, उत्तर प्रदेश | बिरहा, भोजपुरी का ‘पहला सुपरस्टार’ |
| भरत सिंह भारती | नोनउर, भोजपुर (बिहार) | लोकगायक, पद्मश्री 2026 |
| मनोज तिवारी | वाराणसी (परिवार कैमूर, बिहार से) | गायक-अभिनेता, 2014 से सांसद |
| पवन सिंह | आरा, बिहार | ‘लॉलीपॉप लागेलू’, ‘आई नई’ |
| खेसारी लाल यादव | धनाडीह, सारण (बिहार) | 5,000 से ज़्यादा गाने |
| रितेश पांडे | सासाराम, बिहार | ‘हैलो कौन’ — 105 करोड़+ व्यूज़ |
| अंकुश राजा | — | ‘कुँवारे में गंगा नहईले बानी’ — 80 करोड़ व्यूज़ |
| समर सिंह | — | ‘बलमुआ के बल्लम’ — 50 करोड़ व्यूज़ |
जहाँ “—” है, वहाँ जन्मस्थान का कोई भरोसेमंद स्रोत नहीं मिला, इसलिए अंदाज़ा नहीं लगाया गया।
लोक परंपरा के तीन बड़े नाम
1. भिखारी ठाकुर — ‘भोजपुरी के शेक्सपियर’
भिखारी ठाकुर (18 दिसंबर 1887 – 10 जुलाई 1971) का जन्म छपरा के पास कुतुबपुर गाँव में हुआ, जो आज सारण ज़िले में है। वह कवि, नाटककार, गीतकार, अभिनेता और लोकगायक — सब थे। लेखक राहुल सांकृत्यायन ने उन्हें ‘भोजपुरी का शेक्सपियर’ कहा था, और यह नाम आज तक उनके साथ जुड़ा है।
उनका सबसे मशहूर नाटक ‘बिदेसिया’ है — परदेस कमाने गए पति और घर पर इंतज़ार करती पत्नी की कहानी। ‘गबरघिचोर’, ‘बेटी बेचवा’ और ‘भाई बिरोध’ भी उन्हीं के हैं। उन्हें ‘नाच’ लोक-नाट्य परंपरा का जनक माना जाता है। उन्होंने बिरहा, पूरबी और कजरी जैसी लोक-शैलियों को अपने नाटकों में पिरोया और ‘बिदेसिया’ नाम का एक छंद भी गढ़ा। आज की भोजपुरी गायकी — ख़ासकर परदेस और बिरह के गीत — इसी नींव पर खड़ी है।
2. बालेश्वर यादव — बिरहा का पहला सुपरस्टार
बालेश्वर यादव (1942–2008) उत्तर प्रदेश के मऊ ज़िले में मधुबन इलाक़े के बदनपुर गाँव के थे, घाघरा नदी के किनारे। विकिपीडिया उन्हें भोजपुरी दुनिया का “पहला सुपरस्टार” बताता है। उनकी पहचान बिरहा गायकी से थी।
‘सैयां साजन’, ‘ससुरा में जइबू’ और ‘पान खा ल मुन्नी साढ़े तीन बजे’ उनके चर्चित गीतों में हैं। गीतकार अंजान उनसे प्रभावित थे और अमिताभ बच्चन की फ़िल्म ‘आज का अर्जुन’ में उनके अंदाज़ का एक गाना रखा गया। उनकी आख़िरी जानी-मानी परफ़ॉर्मेंस 2008 में सूरीनाम में थी — वह देश जहाँ भोजपुरी बोलने वाले गिरमिटिया मज़दूरों के वंशज आज भी रहते हैं। 1994 में उन्हें उत्तर प्रदेश का यश भारती सम्मान मिला।
3. भरत सिंह भारती — 89 की उम्र में पद्मश्री
इस लिस्ट का सबसे कम चर्चित, लेकिन सबसे ताज़ा सम्मानित नाम। भारत सरकार के पद्म पुरस्कार के आधिकारिक प्रशस्ति-पत्र के मुताबिक़ भरत सिंह भारती का जन्म 20 नवंबर 1936 को बिहार के भोजपुर ज़िले के नोनउर गाँव में हुआ। बचपन में कीर्तन मंडलियों से गाना शुरू किया, और 1962 से ऑल इंडिया रेडियो पटना से जुड़े, जहाँ वह टॉप-ग्रेड कलाकार बने।
उन्होंने ‘नोनउर घराना’ बनाया और पटना के कंकड़बाग (1995) और नोनउर (2005) में संगीत संस्थान खोले, जहाँ हज़ारों ग्रामीण बच्चों — ख़ासकर लड़कियों — ने संगीत सीखा। उनके लिखे गीत ‘मनवा बसेला गंगा तोहरी लहरिया’ और ‘सांवर सांवर सुरतिया तोहार दुल्हा’ को शारदा सिन्हा ने घर-घर पहुँचाया। 1987 में मॉरीशस के एक फ़ेस्टिवल में उन्होंने भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहाँ उनका एल्बम ‘पुरबिया तान’ जारी हुआ। उन्हें संगीत नाटक अकादमी का अमृत पुरस्कार (2022-23) भी मिल चुका है, और 2026 में पद्मश्री।
कैसेट और फ़िल्मों के दौर के सितारे
4. मनोज तिवारी — गायक से सांसद तक
मनोज तिवारी का जन्म 1 फ़रवरी 1971 को वाराणसी के कबीर चौरा मोहल्ले में हुआ, जबकि उनका परिवार बिहार के कैमूर ज़िले के अतरवलिया गाँव से है। गायकी से शुरुआत करने वाले मनोज तिवारी ने 2003 में ‘ससुरा बड़ा पइसा वाला’ से फ़िल्मों में क़दम रखा, जिसमें उन्होंने राजा का किरदार निभाया।
बॉलीवुड में ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ (2012) का ‘जिया हो बिहार के लाला’ उनकी आवाज़ में है, और 2024 में वेब सीरीज़ ‘पंचायत’ का ‘हिंद के सितारा’ भी। 2010 में वह ‘बिग बॉस’ के चौथे सीज़न में आए। 2014 से वह उत्तर-पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद हैं और 2019 व 2024 में भी जीते।
5. पवन सिंह — ‘पावर स्टार’
पवन सिंह का जन्म 5 जनवरी 1986 को बिहार के आरा में हुआ। उनका पहला एल्बम ‘ओढ़निया वाली’ 2000 में आया, और 2008 के ‘लॉलीपॉप लागेलू’ ने उन्हें भोजपुरी से बाहर भी पहचान दिलाई। हमारी गिनती में उनका सबसे ज़्यादा देखा गया गाना ‘छलकता हमरो जवनिया’ है — 84.96 करोड़ व्यूज़।
बॉलीवुड में ‘स्त्री 2’ के ‘आई नई’ के लिए उन्हें TOIFA 2025 में सॉन्ग ऑफ़ द ईयर मिला और 70वें फ़िल्मफ़ेयर में बेस्ट प्लेबैक सिंगर का नॉमिनेशन। जून 2026 से वह बिहार विधान परिषद के सदस्य हैं। पूरी कहानी: पवन सिंह कौन हैं।
6. खेसारी लाल यादव — 5,000 गाने
खेसारी लाल यादव का असली नाम शत्रुघ्न कुमार यादव है। जन्म 15 मार्च 1986 को सारण ज़िले के धनाडीह गाँव में हुआ। दिल्ली के ओखला में परिवार के साथ लिट्टी-चोखा बेचकर जो पैसे जुटाए, उनसे ₹12,000 का पहला एल्बम बनाया — जो नहीं चला। फिर भी वह कैसेट लेकर ख़ुद बिहार और यूपी घूमते रहे।
आज उनके नाम 5,000 से ज़्यादा गाने और 70 से ज़्यादा फ़िल्में हैं। YouTube के हमारे डेटा में टॉप 50 भोजपुरी गानों में से 15 के शीर्षक में खेसारी का नाम है, जबकि पवन सिंह का नाम 9 में। विस्तार से: खेसारी लाल यादव कौन हैं।
YouTube दौर की आवाज़ें
7. रितेश पांडे — भोजपुरी का सबसे बड़ा गाना
रितेश पांडे (असली नाम रितेश रंजन) का जन्म 14 मई 1991 को सासाराम में हुआ। उनका ‘हैलो कौन’ YouTube पर सबसे ज़्यादा देखा गया भोजपुरी गाना है — 4 अक्टूबर 2026 को इसके 105.75 करोड़ व्यूज़ थे, और यह हमारी गिनती में 100 करोड़ पार करने वाला इकलौता भोजपुरी गाना है। उनका ‘लवंडिया लंदन से लाएँगे’ (69.18 करोड़) भी टॉप 5 में है। 2025 में उन्होंने जन सुराज के टिकट पर करगहर से विधानसभा चुनाव लड़ा। पूरी प्रोफ़ाइल: रितेश पांडे कौन हैं।
8. अंकुश राजा
अंकुश राजा का नाम शायद पवन-खेसारी जितना बड़ा न लगे, लेकिन आंकड़े कुछ और कहते हैं। जनवरी 2021 में आया उनका और शिल्पी राज का गाना ‘कुँवारे में गंगा नहईले बानी’ 80.02 करोड़ व्यूज़ के साथ YouTube पर तीसरा सबसे ज़्यादा देखा गया भोजपुरी गाना है — खेसारी के किसी भी गाने से ऊपर। उनके जन्मस्थान और शुरुआती जीवन की जानकारी किसी भरोसेमंद स्रोत में नहीं मिली।
9. समर सिंह
समर सिंह का ‘बलमुआ के बल्लम’ जून 2024 में आया और 50.31 करोड़ व्यूज़ के साथ भोजपुरी के टॉप 15 सबसे ज़्यादा देखे गए गानों में है। टॉप 15 में यह सबसे नया गाना है। उनकी जीवनी के बारे में भी कोई भरोसेमंद स्रोत नहीं मिला।
अंकुश राजा, समर सिंह और बाक़ी गानों के व्यूज़ हमारी सबसे ज़्यादा देखे गए भोजपुरी गानों की लिस्ट से हैं, जिसके लिए 4 अक्टूबर 2026 को 119 YouTube वीडियो पेज ख़ुद खोलकर गिनती की गई थी।
भरत शर्मा ‘व्यास’ — नाम बड़ा, पक्की जानकारी कम
भोजपुरी गायकों की कोई भी बातचीत भरत शर्मा ‘व्यास’ के बिना पूरी नहीं होती। JioSaavn पर उनके गाए गानों के एल्बम 1990 के ‘गवना ले जा सइयाँ’, 1994 के ‘पटना शहरिया’ और 1998 के ‘हमरा लाज लागता’ से लेकर 2018 के ‘सजन लेके अंगना’ तक फैले हैं — यानी क़रीब तीन दशक। ‘परबत ऊपर बा मंदिरवा’ उन्होंने अनुराधा पौडवाल के साथ गाया।
लेकिन उनके जन्म और जीवन पर कोई सरकारी रिकॉर्ड, विकिपीडिया लेख या भरोसेमंद प्रोफ़ाइल हमें नहीं मिली, इसलिए हमने उन्हें ऊपर की लिस्ट में नहीं रखा। दो बातें ध्यान रखें: वह पद्मश्री पाने वाले भरत सिंह भारती से अलग हैं, और हिंदी फ़िल्मों के गीतकार भरत व्यास से भी।
एक बात जो इस लिस्ट से साफ़ होती है
भोजपुरी की पुरुष आवाज़ों में सम्मान और लोकप्रियता दो अलग रास्तों पर चले हैं। भिखारी ठाकुर, बालेश्वर यादव और भरत सिंह भारती जैसे नामों ने लोक परंपरा गढ़ी और सरकारी सम्मान पाए, लेकिन YouTube के ज़माने में उनका नाम कम लिया जाता है। दूसरी तरफ़ पवन, खेसारी, रितेश, अंकुश और समर के गाने करोड़ों बार देखे गए हैं। गायिकाओं की लिस्ट में भी यही बँटवारा दिखा था। भोजपुरी गायकों ने बॉलीवुड में कहाँ-कहाँ गाया, इस पर हमारी यह रिपोर्ट भी पढ़ें।
भोजपुरी की और ख़बरों के लिए हमारा भोजपुरी सेक्शन देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भोजपुरी का सबसे मशहूर गायक कौन है?
लोक परंपरा में भिखारी ठाकुर सबसे बड़ा नाम हैं। आज के दौर में पवन सिंह और खेसारी लाल यादव सबसे ज़्यादा पहचाने जाते हैं, जबकि YouTube पर सबसे ज़्यादा देखा गया गाना रितेश पांडे का ‘हैलो कौन’ है।
भोजपुरी का शेक्सपियर किसे कहा जाता है?
भिखारी ठाकुर को। यह नाम उन्हें राहुल सांकृत्यायन ने दिया था। ‘बिदेसिया’ उनका सबसे मशहूर नाटक है।
किस भोजपुरी गायक को 2026 में पद्मश्री मिला?
भोजपुर ज़िले के नोनउर गाँव के लोकगायक भरत सिंह भारती को। उनका जन्म 1936 में हुआ और वह 1962 से ऑल इंडिया रेडियो पटना से जुड़े रहे।
‘हैलो कौन’ गाना किसने गाया है?
रितेश पांडे ने। यह YouTube पर 100 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़ वाला इकलौता भोजपुरी गाना है।
‘लॉलीपॉप लागेलू’ किसका गाना है?
पवन सिंह का। यह 2008 में आया था।
मनोज तिवारी कहाँ से सांसद हैं?
उत्तर-पूर्वी दिल्ली से, 2014 से लगातार।












