शेफ़ दामू नहीं रहे: 24 घंटे में 617 पकवान बनाकर गिनीज़ रिकॉर्ड, अगस्त में कहा था “मैं ज़िंदा हूँ” — ‘कुकु विद कोमाली’ के ‘दामू अप्पा’ कौन थे

By Riya Mehta

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शेफ़ दामू का निधन, 24 घंटे में 617 पकवान बनाकर बनाया था गिनीज़ रिकॉर्ड
सीधा जवाब: तमिल टीवी के मशहूर शेफ़ दामू (के. दामोदरन) का 25 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में 72 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ दिनों से बीमार थे और एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था; मौत की वजह परिवार ने सार्वजनिक नहीं की है।

शेफ़ दामू को तमिलनाडु में लोग प्यार से ‘दामू अप्पा’ कहते थे। स्टार विजय के कुकिंग शो ‘कुकु विद कोमाली’ में जज की कुर्सी पर बैठा यह हँसमुख चेहरा दक्षिण भारत के घर-घर में पहचाना जाता था। रविवार सुबह उनके निधन की ख़बर आई तो तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से लेकर संजीव कपूर तक ने उन्हें याद किया, और गूगल पर ‘chef damu death reason’ खोजने वालों की बाढ़ आ गई। इस रिपोर्ट में वह सब है जो अब तक पुष्ट है — और वह भी जो अभी तक सामने नहीं आया।

शेफ़ दामू का निधन: अब तक क्या पता है

तमिल अख़बार मालईमलर के मुताबिक़ शेफ़ दामू चेन्नई के वलसरवाक्कम इलाक़े में रहते थे। पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, इसलिए वे टीवी शो से भी दूर थे और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। 25 अक्टूबर को उनका निधन हो गया। परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं।

जानकारीविवरण
पूरा नामदामोदरन कोतंडारमन (के. दामोदरन), लोकप्रिय नाम शेफ़ दामू
जन्म3 सितंबर 1954, चेन्नई (Wikipedia)
निधन25 अक्टूबर 2026, चेन्नई
उम्र72 साल
मौत की वजहसार्वजनिक नहीं; कुछ दिनों से बीमार थे
सबसे बड़ा सम्मानपद्मश्री (जनवरी 2025)
मशहूर शोकुकु विद कोमाली (स्टार विजय), अरुसुवई नेरम (जया टीवी)
परिवारपत्नी और एक बेटी

शेफ़ दामू की मौत की वजह क्या है?

यही सवाल सबसे ज़्यादा पूछा जा रहा है, और इसका ईमानदार जवाब है — अभी तक किसी को आधिकारिक तौर पर नहीं पता। Gulf News और मालईमलर दोनों ने सिर्फ़ इतना लिखा है कि वे बीमारी के चलते कुछ दिनों से अस्पताल में थे। बीमारी का नाम, अंतिम संस्कार का समय और जगह — इनमें से कुछ भी परिवार की ओर से घोषित नहीं हुआ है। इसलिए सोशल मीडिया पर घूम रही किसी ख़ास बीमारी वाली पोस्ट पर भरोसा करने से पहले परिवार के बयान का इंतज़ार करना बेहतर है।

उम्र को लेकर भी एक छोटा भ्रम है। The Hollywood Reporter India की एक सुर्ख़ी में 74 साल लिखा गया, पर उसी रिपोर्ट के अंदर और बाक़ी सभी स्रोतों में उम्र 72 साल है — जो 1954 के जन्म वर्ष से भी मेल खाती है।

अगस्त में कहा था — “मैं ज़िंदा हूँ”

यह पहली बार नहीं था जब शेफ़ दामू की मौत की ख़बर फैली हो। अगस्त 2026 में ‘कुकु विद कोमाली’ सीज़न 7 के सेमीफ़ाइनल से वे ग़ायब थे, और सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफ़वाह उड़ गई। 29 अगस्त को केरल कौमुदी ने रिपोर्ट किया कि उन्होंने ख़ुद एक वीडियो जारी कर लोगों से इन ख़बरों पर भरोसा न करने को कहा। उनका कहना था कि पैर में इंजेक्शन लगने की वजह से वे सेमीफ़ाइनल में नहीं आ पाए, वे ठीक हैं, ज़िंदा हैं और जल्द लौटेंगे। वे फ़ाइनल एपिसोड में दिखे भी। मालईमलर ने भी लिखा है कि तब उन्होंने पैर के दर्द का इलाज चलने की बात कही थी।

दो महीने बाद आई असली ख़बर ने इसीलिए उनके चाहने वालों को और ज़्यादा झकझोरा।

शेफ़ दामू कौन थे?

चेन्नई में 1954 में जन्मे दामोदरन ने चेन्नई के इंस्टीट्यूट ऑफ़ होटल मैनेजमेंट से पढ़ाई की। ANI के हवाले से Gulf News लिखता है कि उनका करियर तमिलनाडु टूरिज़्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में मैनेजमेंट ट्रेनी के तौर पर शुरू हुआ था। करीब चार दशक तक वे रसोई, क्लासरूम और टीवी स्क्रीन — तीनों जगह सक्रिय रहे।

‘डॉक्टर शेफ़’ — पीएचडी करने वाले पहले भारतीय शेफ़

2004 में मद्रास यूनिवर्सिटी ने उन्हें होटल मैनेजमेंट और कैटरिंग टेक्नोलॉजी में पीएचडी दी। मालईमलर और Wikipedia दोनों के मुताबिक़ इस विषय में डॉक्टरेट पाने वाले वे पहले भारतीय शेफ़ थे, और इसी से उन्हें ‘डॉ. शेफ़’ कहा जाने लगा। उन्होंने कई कुकबुक लिखीं, युवा रसोइयों को ट्रेनिंग दी और पारंपरिक दक्षिण भारतीय खाने पर वर्कशॉप कराईं। Gulf News के मुताबिक़ दक्षिण भारतीय खाने में उनकी दिलचस्पी की एक बड़ी वजह उसके औषधीय गुण थे।

24 घंटे, 30 मिनट, 617 पकवान — गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड

दिसंबर 2010 में शेफ़ दामू ने लगातार 24 घंटे 30 मिनट 12 सेकंड तक खाना बनाया और इस दौरान 617 पकवान तैयार किए, जिनका कुल वज़न क़रीब 190 किलो था। यह किसी एक व्यक्ति के सबसे लंबे कुकिंग मैराथन का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना। बाद में उन्होंने मदुरै में 14.7 मीटर लंबा डोसा बनाया और सिंगापुर में दुनिया की सबसे बड़ी करी के तौर पर पेश की गई डिश भी तैयार की।

पद्मश्री 2025

जनवरी 2025 में भारत सरकार ने पाक कला में योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया — देश का चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान। एक कुकिंग शो जज के लिए यह असाधारण पहचान थी।

टीवी का सफ़र: ‘अरुसुवई नेरम’ से ‘कुकु विद कोमाली’ तक

शेफ़ दामू की लोकप्रियता की नींव जया टीवी के शो ‘अरुसुवई नेरम’ से पड़ी, जिसमें वे घर में आसानी से बनने वाले और सेहतमंद पकवानों के नुस्ख़े सिखाते थे। मलयालम चैनल मज़हविल मनोरमा के ‘दे शेफ़’ में जज बनकर उन्होंने केरल में भी बड़ा दर्शक वर्ग बनाया।

पर असली पहचान स्टार विजय के ‘कुकु विद कोमाली’ से मिली, जहाँ वे सीज़न 1 से सीज़न 7 तक जज रहे। इस शो में खाना बनाने के साथ कॉमेडी होती है, और गंभीर शेफ़ की जगह एक मस्तमौला, मज़ाक़ सहने वाले दादा जैसी उनकी छवि यहीं बनी। मार्च 2024 में उन्होंने और साथी जज वेंकटेश भट ने शो छोड़ने का एलान भी किया था (Vikatan), लेकिन दामू सीज़न 5 में लौट आए — इस बार उनके साथ मदमपट्टी रंगराज जज बने।

फ़िल्मों में भी दिखे

सालफ़िल्म / सीरीज़
2015कल्लपड़म
2017उलकुतु
2018कल्याणम कंडीशन्स अप्लाई (वेब सीरीज़)
2020ओरु पक्का कथई
2025मिसेज़ एंड मिस्टर

2017 में Gulf News ने उन्हें शारजाह इंटरनेशनल बुक फ़ेयर के कुकरी प्रोग्राम में शामिल भारतीय शेफ़ों में गिना था — यानी उनकी पहचान खाड़ी देशों में बसे तमिल और मलयाली दर्शकों तक भी थी।

श्रद्धांजलि: मुख्यमंत्री से संजीव कपूर तक

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ़ विजय ने अपने दफ़्तर के X हैंडल से शोक जताया। Gulf News के मुताबिक़ उन्होंने लिखा कि दामू ने अपनी पाक कला और अनोखे अंदाज़ से टीवी कार्यक्रमों के ज़रिए खाना बनाने की कला लोगों तक पहुँचाई, और उनका जाना पाक कला जगत के लिए बड़ी क्षति है (अंग्रेज़ी से अनुवाद)।

AIADMK महासचिव एडप्पाडी के. पलानीस्वामी ने भी X पर शोक जताया। मालईमलर के मुताबिक़ उन्होंने दामू को देश के बेहतरीन रसोइयों में गिना, गिनीज़ रिकॉर्ड को याद किया और बताया कि दामू 2013 में जयललिता के प्रति लगाव के चलते AIADMK के सदस्य बने थे। मशहूर शेफ़ संजीव कपूर ने उनके हमेशा मुस्कुराते, ख़ुशमिज़ाज स्वभाव को याद किया।

पिछले कुछ हफ़्तों में तमिल मनोरंजन जगत ने कई बड़े नाम खोए हैं — 17 अक्टूबर को संगीतकार देवा का निधन हुआ, और इससे पहले 3 अक्टूबर को ‘पुष्पक’ के निर्देशक सिंगीतम श्रीनिवास राव नहीं रहे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शेफ़ दामू का निधन कब हुआ?

25 अक्टूबर 2026 को चेन्नई में। वे 72 साल के थे।

शेफ़ दामू की मौत किस वजह से हुई?

परिवार ने वजह सार्वजनिक नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वे कुछ दिनों से बीमार थे और एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था।

शेफ़ दामू का असली नाम क्या था?

दामोदरन कोतंडारमन, जिन्हें के. दामोदरन भी लिखा जाता है।

शेफ़ दामू ने गिनीज़ रिकॉर्ड कैसे बनाया?

दिसंबर 2010 में उन्होंने लगातार 24 घंटे 30 मिनट 12 सेकंड खाना बनाकर 617 पकवान तैयार किए — एक व्यक्ति का सबसे लंबा कुकिंग मैराथन।

शेफ़ दामू को पद्मश्री कब मिला?

जनवरी 2025 में, पाक कला में योगदान के लिए।

क्या शेफ़ दामू ‘कुकु विद कोमाली’ के जज थे?

हाँ, स्टार विजय के इस शो में वे सीज़न 1 से 7 तक जज रहे। फ़ैंस उन्हें ‘दामू अप्पा’ कहते थे।

स्रोत: मालईमलर, Gulf News, सिनेउलगम, केरल कौमुदी, Vikatan और Wikipedia। दक्षिण भारतीय सिनेमा और टीवी की और ख़बरों के लिए देखें तमिल सेक्शन।

Riya Mehta covers Hindi entertainment news at Sabhi Saman, with a focus on Bollywood, Bhojpuri cinema, and OTT releases. She tracks trending celebrity stories and verifies them against credible sources before writing.

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