बीपी सिंह का नाम शायद हर किसी को याद न हो, लेकिन उनका बनाया शो पूरा देश जानता है। “दया, दरवाज़ा तोड़ दो” और “कुछ तो गड़बड़ है” जैसी लाइनें जिस ‘CID’ से निकलीं, उसके पीछे यही आदमी था — शो का क्रिएटर, डायरेक्टर और प्रोड्यूसर। मंगलवार सुबह उनके जाने की ख़बर आई तो ‘CID’ की पूरी टीम — एसीपी प्रद्युमन से लेकर दया तक — ने उन्हें याद किया। एसीपी प्रद्युमन बने शिवाजी साटम ने कहा कि उनकी “ज़िंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर ख़त्म हो गया”। इस रिपोर्ट में वह सब है जो अब तक पुष्ट है: मौत की वजह पर आए दो बयान, उम्र को लेकर उलझन, और दूरदर्शन के कैमरामैन से भारत के सबसे लंबे चलने वाले क्राइम शो तक का सफ़र।
बीपी सिंह का निधन: अब तक क्या पता है
सबसे पहले फ़िल्ममेकर अशोक पंडित ने इंस्टाग्राम पर ख़बर दी। उन्होंने लिखा कि बीपी सिंह का 27 अक्टूबर की सुबह भारी हार्ट अटैक से निधन हो गया, और अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को होगा, जिसकी जानकारी बाद में दी जाएगी। पंडित ने बताया कि जब बीपी सिंह इंडियन फ़िल्म एंड टेलीविज़न डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष थे, तब वे उनके क़रीबी सहयोगी रहे।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक़ बीपी सिंह का निधन नींद में हुआ। उन्हें तुरंत मुंबई के सांताक्रूज़ स्थित सूर्या हॉस्पिटल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। रिपोर्ट यह भी कहती है कि वे उम्र से जुड़ी दिक़्क़तों की वजह से लंबे समय से बीमार चल रहे थे।
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | बृजेंद्र पाल सिंह (बीपी सिंह) |
| जन्म | देहरादून; साल 1948 या 1949 (Wikipedia के मुताबिक़ पक्का साल तय नहीं) |
| निधन | 27 अक्टूबर 2026, मुंबई |
| उम्र | 77 साल (कुछ रिपोर्ट्स में 75) |
| मौत की वजह | हार्ट अटैक (अशोक पंडित); उम्र से जुड़ी बीमारी (दयानंद शेट्टी) |
| पढ़ाई | फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (FTII), पुणे |
| सबसे मशहूर शो | CID (1998 से), आहट (1995–2015) |
| अहम पद | FTII के चेयरमैन (2018–2020), IFTDA के अध्यक्ष |
| अंतिम संस्कार | 28 अक्टूबर 2026 (समय-स्थान की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं) |
बीपी सिंह की मौत की वजह क्या है?
इस पर दो बयान हैं, और दोनों एक-दूसरे को काटते नहीं, बल्कि पूरी तस्वीर बनाते हैं। अशोक पंडित ने इसे “भारी हार्ट अटैक” बताया। वहीं ‘CID’ में दया का किरदार निभाने वाले दयानंद शेट्टी ने HT City से कहा कि बीपी सिंह काफ़ी समय से ठीक नहीं थे और “आज सुबह वे बस उठे ही नहीं… यह उम्र से जुड़ा था” (अंग्रेज़ी से अनुवाद)। यानी लंबी बीमारी के बीच नींद में दिल का दौरा — अब तक की रिपोर्ट्स यही कहती हैं। परिवार की ओर से कोई अलग बयान अभी सामने नहीं आया है।
उम्र 77 थी या 75?
NDTV, ThePrint, एबीपी न्यूज़, इंडिया टीवी और इंडियन एक्सप्रेस की हेडलाइन — सब 77 साल बता रहे हैं। आजतक ने 75 लिखा है, और कुछ और जगह भी 75 छपा है। Wikipedia उनका जन्म 1948 या 1949 में बताता है, जिससे 77 का आँकड़ा ज़्यादा मेल खाता है। इसलिए हमने 77 लिखा है, पर यह फ़र्क़ आपको बताना ज़रूरी था।
दूरदर्शन के कैमरामैन से ‘आहट’ तक
ThePrint के मुताबिक़ FTII से पढ़ाई के बाद बीपी सिंह ने 1973 में दूरदर्शन में न्यूज़ कैमरामैन की नौकरी शुरू की और क़रीब दस साल कैमरा संभाला। दयानंद शेट्टी ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि वे “हमारे सबसे अच्छे कैमरामैन में से एक” थे। इसके बाद वे मुंबई आए और दूरदर्शन के लिए टेलीफ़िल्में बनाने लगे।
इनमें एक थी मर्डर-मिस्ट्री ‘सिर्फ़ चार दिन’ (1985), जिसमें नाना पाटेकर, दिलीप कुलकर्णी और मनोरमा वागले थे। 1988 में उन्होंने ‘एक शून्य शून्य’ प्रोड्यूस किया, और कुछ मराठी धारावाहिक भी बनाए।
फिर आया ‘आहट’। ThePrint के अनुसार यह शो 1994 में एक सस्पेंस-थ्रिलर के तौर पर बना था, और क़रीब 40 एपिसोड के बाद इसमें अलौकिक यानी भूत-प्रेत वाली कहानियाँ जोड़ी गईं। सोनी टीवी पर यह 1995 से 2015 तक, बीच-बीच में ब्रेक के साथ, चलता रहा — और भारतीय टीवी पर हॉरर शो की पहचान बन गया।
‘CID’: सात पुलिसवाले और एक लाश
1998 में सोनी पर ‘CID’ शुरू हुआ। फ़ॉर्मूला बीपी सिंह ने ख़ुद सबसे सीधे शब्दों में बताया था। शो के 15 साल पूरे होने पर Forbes India से उन्होंने कहा था — सात पुलिसवाले और एक लाश, यही शो का बुनियादी आइडिया है, और हर एपिसोड इसी के इर्द-गिर्द घूमता है (अंग्रेज़ी से अनुवाद, ThePrint के हवाले से)।
इसी सीधे फ़ॉर्मूले ने ‘CID’ को भारत के सबसे लंबे चलने वाले टीवी शो में शामिल कर दिया। Wikipedia के मुताबिक़ शो 1998 से 2018 तक चला और फिर 2024–2025 में लौटा; ThePrint इसके 1,651 एपिसोड गिनता है। बीपी सिंह कभी-कभी कैमरे के सामने भी आते थे — शो में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार उन्हीं का था। 2010 में उन्होंने ‘CID गैलेंट्री अवॉर्ड्स’ भी शुरू किए।
‘CID’ के नाम एक रिकॉर्ड भी है। 8 अक्टूबर 2004 को ‘द इनहेरिटेंस’ नाम का एक एपिसोड प्रसारित हुआ, जो 111 मिनट के एक ही लगातार शॉट में फ़िल्माया गया था — बिना एक भी कट के। इसके लिए शो का नाम लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, दोनों में दर्ज हुआ।
बीपी सिंह के बड़े शो और काम
| साल | शो / फ़िल्म | भूमिका |
|---|---|---|
| 1985 | सिर्फ़ चार दिन (दूरदर्शन टेलीफ़िल्म) | निर्माता-निर्देशक |
| 1988 | एक शून्य शून्य | निर्माता |
| 1995–2015 | आहट | क्रिएटर |
| 1998–2018, 2024–25 | CID | क्रिएटर, निर्देशक, निर्माता, अभिनेता |
| 2010–2014 | गुटुर गू (भारत का पहला ‘साइलेंट’ टीवी शो, 189 एपिसोड) | निर्माता |
| 2012 | एजेंट विनोद (फ़िल्म) | अभिनेता — RAW चीफ़ हसन नवाज़ |
| 2012–2017 | सुपरकॉप्स वर्सेज़ सुपर विलेन्स | आख़िरी निर्देशन |
| 2019–2020 | दिव्य दृष्टि | निर्माता |
| 2019–2022 | अभय (वेब सीरीज़) | निर्माता |
‘गुटुर गू’ का ज़िक्र अलग से बनता है — बिना संवाद वाला यह कॉमेडी शो प्रबल बरुआ ने डायरेक्ट किया था और इसमें शीतल मौलिक और सुनील ग्रोवर थे। NDTV ने उनके कामों में ‘ख़ाकी’ का नाम भी गिना है। Wikipedia के मुताबिक़ 13 दिसंबर 2018 से 29 सितंबर 2020 तक वे FTII के चेयरमैन भी रहे — यानी जिस संस्थान से पढ़कर निकले थे, उसी की कमान संभाली।
श्रद्धांजलि: “उन्हें पद्मश्री मिलना चाहिए था”
सबसे भावुक बयान शिवाजी साटम का रहा, जो दो दशक से ज़्यादा समय तक एसीपी प्रद्युमन बनकर बीपी सिंह के शो का चेहरा रहे। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक़ वैरायटी इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “आज मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर ख़त्म हो गया है।” साटम ने बताया कि वे थिएटर से आए थे और स्टेज पर एक्टिंग जानते थे, लेकिन कैमरे के सामने परफ़ॉर्म करना — और ज़रूरत पड़ने पर सीन को ‘लार्जर दैन लाइफ़’ बनाना — उन्होंने बीपी सिंह से ही सीखा।
साटम ने यह भी कहा कि बीपी सिंह जैसे इंसान को पद्मश्री मिलना चाहिए था, लेकिन वे इस बारे में कभी सोचते ही नहीं थे। उनके मुताबिक़ बीपी सिंह कहते थे कि दर्शक साथ हैं, यही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
दयानंद शेट्टी ने कहा कि बीपी सिंह की “कंटेंट बनाने के अलावा कोई और ज़िंदगी नहीं थी” — वे अपने काम को लेकर पूरी तरह समर्पित थे। मिड-डे के मुताबिक़ ‘CID’ में इंस्पेक्टर अभिजीत बने आदित्य श्रीवास्तव ने उन्हें “परिवार” बताया। स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन (SWA) ने भी शोक जताते हुए कहा कि भारतीय टेलीविज़न में उनका योगदान इतिहास का स्थायी हिस्सा रहेगा।
पिछले कुछ हफ़्तों में मनोरंजन जगत ने कई चेहरे खोए हैं — इसी हफ़्ते तमिल टीवी के शेफ़ दामू का भी निधन हुआ।
अंतिम संस्कार कब और कहाँ?
अशोक पंडित के मुताबिक़ बीपी सिंह का अंतिम संस्कार आज, 28 अक्टूबर को होगा। समय और जगह की जानकारी इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक सार्वजनिक नहीं हुई थी। जैसे ही परिवार या इंडस्ट्री की ओर से ब्योरा आएगा, यह पेज अपडेट किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीपी सिंह कौन थे?
बीपी सिंह (बृजेंद्र पाल सिंह) टीवी के निर्माता-निर्देशक थे, जिन्होंने ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे शो बनाए। वे देहरादून में पैदा हुए, FTII से पढ़े और दूरदर्शन में कैमरामैन के तौर पर करियर शुरू किया।
बीपी सिंह का निधन कब हुआ?
27 अक्टूबर 2026 की सुबह, मुंबई में। ज़्यादातर रिपोर्ट्स के मुताबिक़ वे 77 साल के थे।
बीपी सिंह की मौत की वजह क्या थी?
अशोक पंडित ने भारी हार्ट अटैक बताया। दयानंद शेट्टी के मुताबिक़ वे लंबे समय से उम्र से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे थे और सुबह नींद से नहीं उठे।
क्या बीपी सिंह ‘CID’ में एक्टिंग भी करते थे?
हाँ, वे कभी-कभी शो में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले के किरदार में दिखते थे। फ़िल्म ‘एजेंट विनोद’ (2012) में उन्होंने RAW चीफ़ का रोल किया था।
‘CID’ का गिनीज़ रिकॉर्ड क्या है?
8 अक्टूबर 2004 को प्रसारित एपिसोड ‘द इनहेरिटेंस’ 111 मिनट के एक ही लगातार शॉट में फ़िल्माया गया था। इसे टीवी शो के सबसे लंबे लगातार शॉट के तौर पर गिनीज़ और लिम्का, दोनों रिकॉर्ड बुक में जगह मिली।
बीपी सिंह का अंतिम संस्कार कब है?
28 अक्टूबर 2026 को। समय और स्थान की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
स्रोत: NDTV, ThePrint, इंडियन एक्सप्रेस, NDTV Profit, दैनिक जागरण, आजतक और Wikipedia। टीवी और OTT की और ख़बरों के लिए देखें एंटरटेनमेंट सेक्शन।












