सीधा जवाब: महाराष्ट्र FDA ने शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को विमल इलायची विज्ञापन पर कारण बताओ नोटिस भेजा है। विभाग का कहना है कि ये विज्ञापन प्रथम दृष्टया प्रतिबंधित पान मसाला का अप्रत्यक्ष (सरोगेट) प्रचार है। तीनों को 15 दिन में जवाब देना है और कैंपेन से तुरंत हटना है।
बॉलीवुड के तीन बड़े नामों के लिए एक पुराना विज्ञापन नई मुसीबत बनकर लौटा है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने विमल इलायची विज्ञापन को लेकर शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने 11 अगस्त 2026 को जारी किया, और इसकी जानकारी 16 अगस्त को सार्वजनिक हुई।
FDA का आरोप क्या है
नौ पन्नों के इस नोटिस में विभाग ने कहा है कि विज्ञापन “विमल” ब्रांड का प्रचार करता है, और ये ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा हुआ है — एक ऐसा उत्पाद जिसके निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर महाराष्ट्र में रोक है।
FDA का तर्क तकनीकी लेकिन साफ़ है: बेचा भले ही इलायची वाला माउथ फ्रेशनर जा रहा हो, लेकिन “VIMAL Elaichi” नाम, पैकेजिंग और विज्ञापन की भाषा दर्शक के दिमाग़ में उसी ब्रांड की पहचान बनाती है जिसका असली उत्पाद प्रतिबंधित है। विभाग के मुताबिक यह उपभोक्ता को गुमराह कर सकता है और अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिबंधित उत्पाद का प्रचार करता है। विज्ञापन जगत में इसी तरीक़े को सरोगेट एडवर्टाइज़िंग कहा जाता है।
किन क़ानूनों का हवाला दिया गया
| क़ानून / नियम | क्या कहता है |
|---|---|
| सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (COTPA), 2003 — धारा 5 | तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर रोक |
| CCPA भ्रामक विज्ञापन एवं एंडोर्समेंट रोकथाम दिशानिर्देश, 2022 | एंडोर्स करने वाले को उत्पाद की जाँच-पड़ताल (ड्यू डिलिजेंस) करनी होगी; भ्रामक प्रचार पर ज़िम्मेदारी |
| महाराष्ट्र का पान मसाला प्रतिबंध | राज्य में पान मसाला के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक |
तीनों सितारों को क्या करना होगा
नोटिस में कुछ माँगें तत्काल प्रभाव वाली हैं और कुछ काग़ज़ी:
- कैंपेन में भागीदारी तुरंत बंद करें
- अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से इस विज्ञापन से जुड़ा सारा प्रचार सामग्री हटाएँ
- एंडोर्समेंट एग्रीमेंट की प्रति जमा करें
- कैंपेन ब्रीफ़ और भुगतान से जुड़े दस्तावेज़ दें
- विज्ञापन साइन करने से पहले जो जाँच-पड़ताल की, उसका ब्योरा दें
- 15 दिन के भीतर लिखित स्पष्टीकरण भेजें
कितना जुर्माना लग सकता है
उपभोक्ता संरक्षण क़ानून के तहत पहली बार उल्लंघन पर ₹10 लाख तक का जुर्माना लग सकता है, और बार-बार उल्लंघन पर यह राशि ₹50 लाख तक जा सकती है। इससे बड़ा नुक़सान आर्थिक नहीं, कारोबारी है — दोषी पाए जाने पर किसी भी उत्पाद का विज्ञापन करने पर तीन साल तक की रोक लग सकती है। जिन सितारों की सालाना कमाई का बड़ा हिस्सा ब्रांड एंडोर्समेंट से आता है, उनके लिए यह तीन साल की रोक जुर्माने से कहीं भारी है।
ये विवाद पहली बार नहीं है
इसी ब्रांड का विज्ञापन पहले भी विवाद में रहा है। 2022 में अक्षय कुमार ने सार्वजनिक माफ़ी माँगकर इसी कैंपेन से ख़ुद को अलग कर लिया था और कहा था कि वो अपनी फ़ीस दान कर देंगे। अजय देवगन इससे पहले ब्रांड के साथ अपने जुड़ाव का बचाव कर चुके हैं। यानी विज्ञापन, ब्रांड और सितारों का यह त्रिकोण सालों से चला आ रहा है — नया सिर्फ़ यह है कि इस बार नियामक ने काग़ज़ पर नोटिस भेजा है।
शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन या टाइगर श्रॉफ़ में से किसी ने अभी तक इस नोटिस पर सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। जवाब की अवधि पूरी होने के बाद ही FDA आगे की कार्रवाई तय करेगा।
सितारों के लिए इसका मतलब क्या
2022 की CCPA गाइडलाइंस के बाद से एंडोर्समेंट का खेल बदल चुका है। पहले ब्रांड की ज़िम्मेदारी ब्रांड की थी; अब विज्ञापन में चेहरा दिखाने वाले से भी पूछा जाता है कि उसने साइन करने से पहले उत्पाद के बारे में क्या जाँचा। यही वजह है कि नोटिस में एंडोर्समेंट एग्रीमेंट और ड्यू डिलिजेंस के दस्तावेज़ माँगे गए हैं — असली सवाल यह नहीं कि विज्ञापन में क्या दिखाया गया, बल्कि यह कि तीनों को पता था या नहीं कि ब्रांड नाम किससे जुड़ा है।
शाहरुख़ ख़ान से जुड़ी बाक़ी ख़बरों के लिए पढ़ें सलमान के डायलॉग से शाहरुख़ की एंट्री का शक, और टाइगर श्रॉफ़ की पिछली रिलीज़ पर हमारी राय बागी 4 रिव्यू में। बॉलीवुड की हर बड़ी ख़बर के लिए देखें बॉलीवुड सेक्शन।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
FDA ने नोटिस किस तारीख़ को जारी किया?
महाराष्ट्र FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने यह कारण बताओ नोटिस 11 अगस्त 2026 को जारी किया।
किन-किन कलाकारों को नोटिस मिला है?
शाहरुख़ ख़ान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ़ — तीनों को विमल इलायची विज्ञापन में भागीदारी को लेकर नोटिस भेजा गया है।
आरोप क्या है?
FDA के मुताबिक यह विज्ञापन प्रथम दृष्टया प्रतिबंधित पान मसाला का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार है, क्योंकि “विमल” ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा है।
जवाब देने के लिए कितना समय मिला है?
15 दिन। साथ ही कैंपेन से तुरंत हटने और सोशल मीडिया से प्रचार सामग्री हटाने को कहा गया है।
जुर्माना कितना हो सकता है?
पहली बार उल्लंघन पर ₹10 लाख तक, दोहराव पर ₹50 लाख तक, और तीन साल तक किसी भी उत्पाद के एंडोर्समेंट पर रोक।
क्या पहले भी किसी कलाकार ने यह विज्ञापन छोड़ा है?
हाँ। अक्षय कुमार ने 2022 में माफ़ी माँगते हुए इसी कैंपेन से अलग होने और फ़ीस दान करने की बात कही थी।
स्रोत: The Week और The Tribune।












