सीधा जवाब: नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी ने Bollywood Hungama Style Icons Summit and Awards 2026 में बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें लगातार पाँच-छह साल तक सिर्फ़ एक-सीन वाले रोल मिलते रहे, और इंडस्ट्री में पहचान बनने में उन्हें क़रीब 12 साल लग गए।
उनके मुताबिक़ हालत यह थी कि किसी फ़िल्म में एक सीन के लिए एक्टर चाहिए होता था तो लोग कहते थे — “नवाज़ को बुला लो।”
बॉलीवुड में स्ट्रगल की कहानियाँ बहुत सुनाई जाती हैं, लेकिन नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी की कहानी इसलिए अलग है क्योंकि उसमें कोई बड़ा सपना नहीं था। Bollywood Hungama Style Icons Summit and Awards 2026 में हिमेश मनकड़ से बातचीत में उन्होंने अपने शुरुआती सालों को जिस ठंडे अंदाज़ में याद किया, वह किसी मोटिवेशनल स्पीच से ज़्यादा एक हिसाब-किताब लगता है।
“मैं कभी बड़ा एक्टर बनने का सपना लेकर नहीं आया था”
नवाज़ुद्दीन ने कहा कि वे मुंबई किसी स्टार बनने की महत्वाकांक्षा के साथ नहीं आए थे। उनके शब्दों में — “मैं कभी स्थापित एक्टर बनने का सपना लेकर नहीं आया था।”
उन्होंने इसके पीछे की वजह भी बताई, और यही उनकी बात का सबसे काम का हिस्सा है। उनका कहना था कि अगर कोई बहुत बड़े सपने लेकर आता है और लगातार इसी बात के पीछे भागता है कि उसे स्थापित एक्टर बनना है, तो जब चीज़ें नहीं होतीं तो उसे झेलना बहुत मुश्किल हो जाता है। चूँकि वे वैसे सपने लेकर आए ही नहीं थे, इसलिए नाकामी उन्हें तोड़ नहीं पाई।
“एक सीन चाहिए? नवाज़ को बुला लो”
शुरुआती दौर के बारे में उन्होंने बताया कि उन्हें लगातार एक-सीन वाले रोल मिलते रहे। उनके मुताबिक़ यह सिलसिला कोई एक-दो साल नहीं, बल्कि क़रीब पाँच से छह साल तक चला।
इंडस्ट्री में उनकी पहचान भी उसी हिसाब से बन गई थी — अगर किसी फ़िल्म में सिर्फ़ एक सीन के लिए एक्टर की ज़रूरत होती, तो कहा जाता “नवाज़ को बुला लो।” यानी वे भरोसेमंद तो थे, लेकिन सिर्फ़ उतनी ही जगह के लिए जितनी उन्हें दी गई थी।
वह मोड़ जब उन्होंने ख़ुद माँगना शुरू किया
बदलाव तब आया जब उन्होंने अपनी तरफ़ से माँग रखनी शुरू की। नवाज़ुद्दीन ने बताया कि छह-सात साल बाद उन्हें लगा कि अब उन्हें दो सीन करने चाहिए — और उन्होंने दो-सीन वाले रोल माँगने शुरू कर दिए।
यह डिटेल छोटी लगती है, पर इंडस्ट्री के लिहाज़ से बड़ी है। बॉलीवुड में ज़्यादातर बाहर से आए एक्टर इंतज़ार करते हैं कि कोई उन्हें बड़ा रोल दे दे। नवाज़ुद्दीन का रास्ता इंतज़ार का नहीं, धीरे-धीरे अपनी जगह बढ़ाने का था — एक सीन से दो सीन, फिर उससे आगे। उन्होंने साफ़ कहा कि पूरी प्रक्रिया में उन्हें क़रीब 12 साल लगे।
शुरुआत में टीवी में भी काम आसानी से नहीं मिल रहा था, जिसके बाद उनका रुख़ फ़िल्मों की तरफ़ हुआ।
2012: वह साल जिसने सब बदल दिया
नवाज़ुद्दीन ने उसी बातचीत में 2012 के अपने तीन बड़े प्रोजेक्ट्स — ‘तलाश’, ‘कहानी’ और ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ — का ज़िक्र किया। ‘तलाश’ की शूटिंग 2011 में हुई थी।
‘कहानी’ को लेकर उन्होंने एक दिलचस्प बात बताई। उनके मुताबिक़ रिलीज़ के बाद पहले तीन-चार दिन तक शायद ही किसी को पता था कि फ़िल्म आई है। लेकिन सोमवार से फ़िल्म ने रफ़्तार पकड़ी और बड़ी हिट बन गई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ‘कहानी’ कोई बहुत बड़े बजट की फ़िल्म नहीं थी — यानी उसे बचाया माउथ पब्लिसिटी ने, मार्केटिंग ने नहीं।
उनके मुताबिक़ ‘तलाश’ और ‘गैंग्स ऑफ़ वासेपुर’ के साथ भी कमोबेश यही हुआ। नवाज़ुद्दीन ने बताया कि उन्होंने इन तीनों फ़िल्मों को थिएटर वाले अंदाज़ में लिया — जैसे एक साथ कई नाटकों की रिहर्सल चल रही हो, बिना यह जाने कि नतीजा क्या निकलेगा।
एक नज़र में: नवाज़ुद्दीन की बातें
| बात | डिटेल |
|---|---|
| एक-सीन वाले रोल | क़रीब 5-6 साल तक |
| दो-सीन माँगना शुरू किया | 6-7 साल बाद |
| पहचान बनने में लगा समय | क़रीब 12 साल |
| टर्निंग पॉइंट साल | 2012 — तलाश, कहानी, गैंग्स ऑफ़ वासेपुर |
| मौक़ा | Bollywood Hungama Style Icons Summit and Awards 2026 |
काम को लेकर इस तरह की बेचैनी सिर्फ़ नवाज़ुद्दीन तक सीमित नहीं है — हाल ही में अमिताभ बच्चन ने भी 24 घंटे की KBC शिफ्ट के बाद कहा था कि काम छोड़ा तो जगह कोई और ले लेगा। दूसरी तरफ़, नए कलाकारों के लिए रास्ता आज भी आसान नहीं है, जैसा राघव जुयाल की ‘Bhai Tera Star Hai’ के रिव्यू में दिखा। बॉलीवुड की बाक़ी ख़बरें Bollywood सेक्शन में पढ़ें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
नवाज़ुद्दीन सिद्दीक़ी को कितने साल तक एक-सीन वाले रोल मिले?
उनके मुताबिक़ क़रीब पाँच से छह साल तक उन्हें लगातार एक-सीन वाले रोल ही मिलते रहे।
उन्हें इंडस्ट्री में पहचान बनाने में कितना वक़्त लगा?
नवाज़ुद्दीन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में उन्हें क़रीब 12 साल लगे।
उन्होंने बड़े रोल कैसे हासिल किए?
छह-सात साल बाद उन्होंने ख़ुद माँगना शुरू किया कि अब उन्हें दो सीन वाले रोल दिए जाएँ, और वहीं से रास्ता खुला।
‘कहानी’ को लेकर उन्होंने क्या कहा?
उनके मुताबिक़ रिलीज़ के पहले तीन-चार दिन तक शायद ही किसी को पता था कि फ़िल्म आई है, लेकिन सोमवार से फ़िल्म चल पड़ी और बड़ी हिट बन गई।
यह बातचीत कहाँ हुई?
Bollywood Hungama Style Icons Summit and Awards 2026 में, जहाँ उन्होंने हिमेश मनकड़ से बात की।
स्रोत: Bollywood Hungama · Bollywood Hungama












