सीधा जवाब: चंडीगढ़ की ज़िला अदालत ने 4 अगस्त 2026 को सलमान खान को कोर्ट का नोटिस भेजा है। मामला Being Human ज्वेलरी की फ़्रैंचाइज़ी से जुड़ा है, जिसमें चंडीगढ़ के कारोबारी अरुण गुप्ता ने क़रीब ₹3 करोड़ के निवेश और धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
नोटिस सलमान खान, उनकी बहन अल्वीरा खान अग्निहोत्री, Being Human Foundation और Style Quotient Jewellery Pvt Ltd के डायरेक्टर्स को भेजा गया है। यह अभी प्री-कॉग्निजेंस स्टेज है — यानी न चार्जशीट है, न कोई दोष साबित हुआ है। अगली सुनवाई 5 अक्टूबर 2026 को है।
बॉलीवुड में सबसे ज़्यादा ब्रांड-वैल्यू वाले नामों में गिने जाने वाले सलमान खान इस बार किसी फ़िल्म या फ़ीस की वजह से नहीं, बल्कि एक शोरूम की वजह से ख़बरों में हैं। शिकायत करने वाले कारोबारी का कहना है कि उन्होंने भरोसा एक नाम पर किया था — और उद्घाटन के दिन वह नाम पहुँचा ही नहीं।
सलमान खान को कोर्ट का नोटिस: पूरा मामला क्या है?
चंडीगढ़ के मनीमाजरा इलाक़े के कारोबारी अरुण गुप्ता ने ज़िला अदालत में शिकायत दायर की थी। उनका कहना है कि उन्होंने Being Human ज्वेलरी की फ़्रैंचाइज़ी लेने के लिए क़रीब ₹3 करोड़ लगाए — जिसमें लगभग ₹50 लाख शोरूम की साज-सज्जा पर और लगभग ₹1 करोड़ स्टॉक ख़रीदने पर ख़र्च हुए।
गुप्ता का आरोप है कि उन्हें फ़्रैंचाइज़ी लेने से पहले मुनाफ़े को लेकर भरोसा दिलाया गया था, लेकिन शोरूम खुलने के बाद न वादे के मुताबिक़ बिज़नेस सपोर्ट मिला और न ज्वेलरी की सप्लाई ठीक से हुई। उनके मुताबिक़ फ़रवरी 2020 से आउटलेट बंद पड़ा है और नुक़सान कई करोड़ तक पहुँच चुका है।
सबसे बड़ी शिकायत: “उद्घाटन करने सलमान आए ही नहीं”
शिकायत का सबसे चर्चित हिस्सा यही है। गुप्ता का दावा है कि उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सलमान खान ख़ुद शोरूम का उद्घाटन करेंगे और ‘बिग बॉस’ के मंच से उसका प्रचार भी करेंगे।
लेकिन नवंबर 2018 में जब शोरूम का उद्घाटन हुआ, तो सलमान की जगह उनके बहनोई और एक्टर आयुष शर्मा पहुँचे। फ़्रैंचाइज़ी बिज़नेस में यह छोटी बात नहीं होती — स्टार का चेहरा ही अक्सर वह वजह होती है जिसके लिए फ़्रैंचाइज़ी फ़ीस दी जाती है। शिकायतकर्ता का पूरा तर्क इसी एक बिंदु पर टिका है कि जिस वादे के लिए पैसा लगाया, वह वादा पूरा नहीं हुआ।
कोर्ट ने क्या आदेश दिया?
ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अंबिका शर्मा ने BNSS की धारा 223 के प्रावधान के तहत प्री-कॉग्निजेंस नोटिस जारी किया है। इसका मतलब यह है कि अदालत ने अभी शिकायत पर संज्ञान (cognisance) नहीं लिया है — पहले दूसरे पक्ष को सुना जाएगा।
यह अंतर समझना ज़रूरी है, क्योंकि सोशल मीडिया पर इसे कई जगह “समन” या “गिरफ़्तारी” की तरह पेश किया जा रहा है। असल में यह प्रक्रिया का शुरुआती चरण है।
| जानकारी | डिटेल |
|---|---|
| अदालत | चंडीगढ़ ज़िला अदालत |
| मजिस्ट्रेट | डॉ. अंबिका शर्मा, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट |
| आदेश की तारीख़ | 4 अगस्त 2026 |
| शिकायतकर्ता | अरुण गुप्ता, कारोबारी (मनीमाजरा, चंडीगढ़) |
| नोटिस किसे | सलमान खान, अल्वीरा खान अग्निहोत्री, Being Human Foundation, Style Quotient Jewellery Pvt Ltd और डायरेक्टर्स |
| दावा किया गया निवेश | क़रीब ₹3 करोड़ |
| अगली सुनवाई | 5 अक्टूबर 2026 |
रिपोर्ट्स के मुताबिक़ शिकायत में IPC की धारा 405, 409, 415, 417, 420 और 120B का हवाला दिया गया है — यानी आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी और आपराधिक साज़िश से जुड़ी धाराएँ।
Being Human का मॉडल और यह विवाद क्यों बड़ा है
Being Human सलमान खान का सबसे पुराना और सबसे पहचाना ब्रांड एक्सटेंशन है, जिसकी शुरुआत चैरिटी फ़ाउंडेशन के तौर पर हुई थी और बाद में कपड़ों से लेकर ज्वेलरी तक फैला। ज्वेलरी का कारोबार Style Quotient Jewellery Pvt Ltd के ज़रिए चलता रहा है।
सेलिब्रिटी फ़्रैंचाइज़ी मॉडल में झगड़े का सबसे आम बिंदु यही होता है — फ़्रैंचाइज़ी लेने वाला स्टार की मौजूदगी और प्रमोशन को सौदे का हिस्सा मानता है, जबकि क़ानूनी दस्तावेज़ में अक्सर यह लिखित वादा होता ही नहीं। इस केस में अदालत को यही तय करना होगा कि जो भरोसा दिलाया गया, वह कहाँ तक दस्तावेज़ों में दर्ज है।
सलमान की तरफ़ से क्या प्रतिक्रिया आई?
अब तक सलमान खान, अल्वीरा खान अग्निहोत्री या Being Human की तरफ़ से इस नोटिस पर कोई सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है। सभी पक्षों को 5 अक्टूबर तक जवाब दाख़िल करना है।
सलमान इन दिनों वैसे भी लगातार ख़बरों में हैं — कुछ दिन पहले SVC63 की फ़ीस को लेकर आई रिपोर्ट्स को मेकर्स ने ख़ारिज किया था, वहीं दूसरी तरफ़ असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए 500 घर बनवाने की ख़बर भी चर्चा में रही।
आगे क्या होगा?
अगली तारीख़ 5 अक्टूबर 2026 है, जब सभी पक्षों को जवाब और अतिरिक्त दस्तावेज़ पेश करने हैं। इसके बाद अदालत तय करेगी कि शिकायत पर संज्ञान लिया जाए या नहीं।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इस चरण पर किसी पर आरोप तय नहीं हुए हैं। नोटिस का मतलब सिर्फ़ इतना है कि अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. सलमान खान को कोर्ट का नोटिस किस मामले में मिला है?
Being Human ज्वेलरी की फ़्रैंचाइज़ी से जुड़े धोखाधड़ी के एक मामले में, जो चंडीगढ़ के कारोबारी अरुण गुप्ता ने दायर किया है।
2. कितनी रक़म का मामला है?
शिकायतकर्ता के मुताबिक़ उन्होंने क़रीब ₹3 करोड़ लगाए, जिसमें लगभग ₹50 लाख शोरूम की साज-सज्जा और ₹1 करोड़ स्टॉक पर ख़र्च हुए।
3. नोटिस किन-किन लोगों को भेजा गया है?
सलमान खान, उनकी बहन अल्वीरा खान अग्निहोत्री, Being Human Foundation और Style Quotient Jewellery Pvt Ltd तथा उसके डायरेक्टर्स को।
4. क्या सलमान खान पर आरोप साबित हो गए हैं?
नहीं। यह प्री-कॉग्निजेंस स्टेज का नोटिस है — अदालत ने अभी शिकायत पर संज्ञान भी नहीं लिया है।
5. शोरूम का उद्घाटन किसने किया था?
शिकायत के मुताबिक़ नवंबर 2018 में सलमान खान की जगह उनके बहनोई आयुष शर्मा उद्घाटन में पहुँचे थे।
6. अगली सुनवाई कब है?
5 अक्टूबर 2026 को, जब सभी पक्षों को जवाब दाख़िल करना है।
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स्रोत: The Tribune · LiveLaw












