सीधा जवाब: सुनीता आहूजा ने 19 अगस्त 2026 को मुंबई की बांद्रा फ़ैमिली कोर्ट पहुँचकर गोविंदा के ख़िलाफ़ दाख़िल तलाक़ की याचिका वापस ले ली। यह याचिका उन्होंने 5 दिसंबर 2024 को दायर की थी। कोर्ट के बाहर मीडिया के सवाल पर सुनीता ने सिर्फ़ इतना कहा — “बर्थडे मनाने आई थी।”
क़रीब 20 महीने चली क़ानूनी खींचतान बुधवार को उसी जगह ख़त्म हो गई जहाँ से शुरू हुई थी। सुनीता आहूजा मुंबई की बांद्रा फ़ैमिली कोर्ट पहुँचीं — इस बार नया केस दायर करने नहीं, बल्कि पुराना केस वापस लेने। उनके साथ बेटे यशवर्धन आहूजा भी थे।
कोर्ट के बाहर सिर्फ़ एक लाइन
बाहर खड़े फ़ोटोग्राफ़रों ने जब पूछा कि वो कोर्ट क्यों आई हैं, तो सुनीता ने सवाल को हँसी में टाल दिया और कहा — “बर्थडे मनाने आई थी।” इससे ज़्यादा उन्होंने कुछ नहीं कहा। न केस पर, न गोविंदा पर।
यह वही सुनीता हैं जो कुछ ही दिन पहले एयरपोर्ट पर मीडिया के सामने गोविंदा को लेकर खुलकर नाराज़गी जता चुकी थीं — “विनाश काले विपरीत बुद्धि” वाला वह पूरा मामला यहाँ। उस तेवर और बुधवार की चुप्पी के बीच का फ़ासला ही इस ख़बर की असली कहानी है।
केस में था क्या
सुनीता ने 5 दिसंबर 2024 को हिंदू मैरिज एक्ट, 1955 के तहत तलाक़ की अर्ज़ी दाख़िल की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ अर्ज़ी में एक्स्ट्रा-मैरिटल अफ़ेयर, क्रूरता और छोड़ देने (desertion) के आरोप शामिल थे। इसके बाद से दोनों की शादी लगातार सुर्ख़ियों में रही — कभी सुनीता के बयानों की वजह से, कभी गोविंदा की चुप्पी की वजह से।
| शादी | 1987, निजी समारोह में |
| बच्चे | बेटी टीना और बेटा यशवर्धन |
| याचिका दायर | 5 दिसंबर 2024, बांद्रा फ़ैमिली कोर्ट |
| याचिका वापस | 19 अगस्त 2026 |
| गोविंदा का बयान | अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं |
मैनेजर बोले — “यह तो ख़ुशी की बात है”
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने केस वापस लिए जाने की पुष्टि की। उनका कहना था — “सब लोग डर क्यों रहे हैं? सुनीता ने गोविंदा के साथ तलाक़ का अपना केस वापस ले लिया है। यह तो ख़ुशी की बात है।”
दूसरी बातचीत में उन्होंने इस पूरे मामले के सार्वजनिक हो जाने पर नाराज़गी भी जताई। उनका कहना था कि मामला एक बार अदालत तक पहुँच जाए तो पूरी दुनिया को पता चल जाता है, जबकि घर की बात घर के भीतर ही रहनी चाहिए थी — और अगर आख़िर में केस वापस ही लेना था, तो उसे दायर करने की ज़रूरत ही क्या थी।
बीच में लौट आया पुराना इंटरव्यू
दिलचस्प यह रहा कि केस वापस लिए जाने से ठीक पहले गोविंदा का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो गया। स्टारडस्ट को दिए उस इंटरव्यू में गोविंदा ने कहा था कि उनकी कुंडली में दूसरी शादी लिखी है, और सुनीता को इसके लिए तैयार रहना चाहिए — तभी वो ख़ुद को आज़ाद महसूस करेंगे।
यह बयान उस वक़्त भी विवाद की वजह बना था, और अब सोशल मीडिया पर लोग इसे मौजूदा हालात से जोड़कर देख रहे हैं। गोविंदा या सुनीता, दोनों में से किसी ने इस वायरल क्लिप पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अफ़वाहों से अदालत तक: गोविंदा और सुनीता आहूजा की टाइमलाइन
गोविंदा और सुनीता के रिश्ते में दरार की चर्चा नई नहीं है। तलाक़ की अफ़वाहें फ़रवरी 2024 में तेज़ हुई थीं और उस वक़्त परिवार के क़रीबियों ने इन्हें सिर्फ़ गॉसिप बताकर ख़ारिज कर दिया था (उस दौर की रिपोर्ट यहाँ)। कुछ महीनों बाद वही अफ़वाह अदालत की फ़ाइल बन गई, और अब 20 महीने बाद फ़ाइल ख़ुद वापस ले ली गई है।
क़ानूनी तौर पर इसका मतलब साफ़ है — इस वक़्त गोविंदा और सुनीता के बीच तलाक़ का कोई केस चालू नहीं है। बाक़ी बॉलीवुड अपडेट के लिए बॉलीवुड सेक्शन देखते रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या सुनीता आहूजा ने गोविंदा से तलाक़ ले लिया है?
नहीं। उन्होंने 19 अगस्त 2026 को तलाक़ की याचिका ही वापस ले ली, यानी अब कोई तलाक़ का केस चालू नहीं है।
तलाक़ की अर्ज़ी कब दायर हुई थी?
5 दिसंबर 2024 को, मुंबई की बांद्रा फ़ैमिली कोर्ट में, हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत।
कोर्ट के बाहर सुनीता ने क्या कहा?
मीडिया के सवाल पर उन्होंने सिर्फ़ इतना कहा — “बर्थडे मनाने आई थी।”
गोविंदा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
गोविंदा की तरफ़ से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उनके मैनेजर शशि सिन्हा ने केस वापस लिए जाने की पुष्टि की और इसे ख़ुशी की बात बताया।
गोविंदा और सुनीता की शादी कब हुई थी?
1987 में, एक निजी समारोह में। उनके दो बच्चे हैं — टीना और यशवर्धन।












