“मेरी जवानी के सपने ना देखो बाबा जी” — रामदेव के ‘बिगड़े दिमाग़’ वाले बयान पर भड़कीं कंगना

By Riya Mehta

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रामदेव के 'बिगड़े दिमाग़' वाले बयान पर भड़कीं कंगना — "मेरी जवानी के सपने ना देखो बाबा जी"

बाबा रामदेव ने कंगना रनौत के ‘जेनरेशन गटर’ वाले बयान पर कहा कि देश के जवानों को गटर कहना “बिगड़े हुए दिमाग़ की निशानी” है।

कंगना ने बुधवार 19 अगस्त को इंस्टाग्राम स्टोरी पर पलटवार किया — “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के सपने मत देखिए।”

कंगना रनौत और बाबा रामदेव के बीच बुधवार को जो हुआ, वह सोशल मीडिया की सामान्य तू-तू मैं-मैं से आगे निकल गया। एक तरफ़ योग गुरु और पतंजलि के सह-संस्थापक, दूसरी तरफ़ बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस — और बीच में देश की नौजवान पीढ़ी को लेकर कही गई एक बात।

शुरुआत कहाँ से हुई: ‘जेनरेशन गटर’

कुछ समय पहले कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर आज की युवा पीढ़ी के एक हिस्से को “जेनरेशन गटर” कह दिया था। उनका निशाना ख़ास तौर पर उन युवाओं पर था जो, उनके शब्दों में, ड्रग्स, शराब और रिश्तों को आज़ादी की तरह दिखाते हैं और साथ ही माँ-बाप की कमाई पर जीते हैं।

बयान वायरल हुआ और इसी पर उनके ख़िलाफ़ क़ानूनी शिकायत तक पहुँची बात। लेकिन मामला दोबारा गरमाया तब, जब बाबा रामदेव ने इस पर मुँह खोला।

रामदेव का जवाब: “बिगड़े हुए दिमाग़ की निशानी”

एक इंटरव्यू में रामदेव ने कहा कि किसी भी देश के जवानों को गटर कहना “बिगड़े हुए दिमाग़ की निशानी है”। यहीं वे नहीं रुके — उन्होंने कंगना के अतीत की ओर इशारा करते हुए सवाल उठाया कि “उनका बचपन कैसा रहा है, उनकी जवानी कैसी रही है”।

साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कंगना की पार्टी के वरिष्ठ लोगों को इस बयान का संज्ञान लेना चाहिए। यानी बात सिर्फ़ आलोचना पर नहीं रुकी, बीजेपी की तरफ़ भी इशारा चला गया।

कंगना का पलटवार: बात सुप्रीम कोर्ट तक ले गईं

कंगना ने जवाब देने में देर नहीं की। बुधवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने लिखा कि बाबा जी उनकी जवानी या बेडरूम के बारे में दिन में सपने न देखें, और यह भी कि किसी के चरित्र का फ़ैसला अफ़वाहों और गॉसिप के आधार पर नहीं होता।

इसके बाद उन्होंने जो लिखा, असली चोट वहीं थी — कि कम से कम उन्हें झूठे या भ्रामक मेडिकल दावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से फटकार तो नहीं पड़ी। यह पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों वाले मामले की ओर सीधा इशारा था। कंगना ने आख़िर में जोड़ा कि उन्हें चरित्र का पाठ पढ़ाने की ज़रूरत नहीं है।

कंगना और विवाद: कोई नई बात नहीं

कंगना के लिए इस तरह का आमना-सामना नया नहीं है। कुछ ही दिन पहले नसीरुद्दीन शाह पर उनका तीखा पलटवार चर्चा में था, और उससे पहले ऋतिक रोशन और साबा आज़ाद को लेकर दिया गया बयान

फ़र्क़ इस बार यह है कि सामने कोई फ़िल्मी चेहरा नहीं, बल्कि एक ऐसा नाम है जिसकी पहुँच कंगना की अपनी राजनीतिक ज़मीन तक जाती है। यही वजह है कि यह टकराव सिर्फ़ बॉलीवुड की ख़बर बनकर नहीं रह गया।

ऐसी हर अपडेट के लिए हमारा बॉलीवुड सेक्शन देखते रहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

कंगना रनौत ने ‘जेनरेशन गटर’ क्यों कहा था?

उन्होंने युवाओं के एक हिस्से पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे नशे और रिश्तों को आज़ादी की तरह दिखाते हैं और माँ-बाप की कमाई पर निर्भर रहते हैं।

बाबा रामदेव ने कंगना पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि देश के जवानों को गटर कहना “बिगड़े हुए दिमाग़ की निशानी” है, और कंगना के बचपन-जवानी पर सवाल उठाए।

कंगना ने जवाब में क्या लिखा?

इंस्टाग्राम स्टोरी पर उन्होंने रामदेव से कहा कि उनकी जवानी या बेडरूम के सपने न देखें, और याद दिलाया कि उन्हें भ्रामक मेडिकल दावों पर सुप्रीम कोर्ट से फटकार नहीं पड़ी है।

यह विवाद कब हुआ?

कंगना का जवाब बुधवार, 19 अगस्त 2026 को आया।

क्या बीजेपी ने कुछ कहा है?

रामदेव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से संज्ञान लेने को कहा था, लेकिन इस पर पार्टी की तरफ़ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्रोत: आज तक, Free Press Journal

Riya Mehta covers Hindi entertainment news at Sabhi Saman, with a focus on Bollywood, Bhojpuri cinema, and OTT releases. She tracks trending celebrity stories and verifies them against credible sources before writing.

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