पंद्रह दिन के अंदर परिणीति चोपड़ा की Netflix पर दूसरी रिलीज़ आ गई है। 24 सितंबर को उनकी पहली वेब सीरीज़ ‘शक: ट्रस्ट नो वन’ आई थी, और अब 9 अक्टूबर को फ़िल्म रिपोर्टिंग लाइव। रिलीज़ के अगले दिन गूगल ट्रेंड्स पर “reporting live movie” 10 हज़ार से ज़्यादा सर्च के साथ ट्रेंड कर रहा है।
फ़िल्म कहाँ देखें, कौन-कौन है, कहानी क्या है, कितनी लंबी है और समीक्षकों ने क्या कहा — सब कुछ नीचे है।
रिपोर्टिंग लाइव कहाँ देखें: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| प्लेटफ़ॉर्म | Netflix (सिर्फ़ यहीं, थिएटर में रिलीज़ नहीं) |
| रिलीज़ डेट | 9 अक्टूबर 2026 |
| भाषा | हिंदी |
| लंबाई | क़रीब दो घंटे (रिव्यू में 110 से 116 मिनट बताई गई) |
| जॉनर | इन्वेस्टिगेटिव थ्रिलर |
| निर्देशक | ध्रुव त्रिपाठी (पहली फ़ीचर फ़िल्म) |
| लेखक | ध्रुव त्रिपाठी और मिहिर जाधव |
| निर्माता | पार्थ किरण ठाकुर और जोशुआ शिरसाठ |
फ़िल्म देखने के लिए Netflix का कोई भी सक्रिय प्लान चाहिए — यह किराये (रेंट) वाली फ़िल्म नहीं है। हिंदी के अलावा किन भाषाओं में डब ऑडियो है, यह Netflix की घोषणा या किसी रिपोर्ट में साफ़ नहीं मिला, इसलिए हम इसका दावा नहीं कर रहे।
रिपोर्टिंग लाइव की कहानी क्या है
कहानी एक महत्वाकांक्षी फ़ील्ड रिपोर्टर संध्या यादव (परिणीति चोपड़ा) और उसके कैमरामैन विनोद (देवेन भोजानी) की है। दोनों महाराष्ट्र के एक ग्रामीण इलाक़े में पुल गिरने की घटना कवर करने जाते हैं। रिपोर्टिंग करते-करते उन्हें पता चलता है कि हादसे की जड़ में अवैध रेत खनन का एक बड़ा रैकेट है — वही रेत जिसे इस धंधे में ‘ब्राउन गोल्ड’ कहा जाता है।
जितना वे आगे खोदते हैं, ख़तरा उतना बढ़ता है। ताक़तवर लोग, राजनीति और रेत माफ़िया — सब उनके रास्ते में आ जाते हैं, और यह कहानी पत्रकारिता से ज़्यादा ज़िंदा बचे रहने की लड़ाई बन जाती है।
क्या यह सच्ची घटना पर बनी है?
इस पर रिपोर्ट्स एक जैसी नहीं हैं। फ़्लिकऑनक्लिक जैसी कुछ रिलीज़-पूर्व रिपोर्ट्स ने फ़िल्म को “सच्ची घटनाओं से प्रेरित” बताया। लेकिन रिलीज़ के बाद आए एक रिव्यू के मुताबिक़ कहानी काल्पनिक है और ‘विसरगांव’ नाम के एक काल्पनिक क़स्बे में घटती है — असली बस अवैध रेत खनन का मुद्दा है। मेकर्स ने किसी ख़ास घटना का नाम नहीं लिया है। निर्देशक ध्रुव त्रिपाठी ने बस इतना कहा है कि वह इस कहानी के साथ सात साल से जी रहे थे और ऐसा थ्रिलर बनाना चाहते थे जो ज़मीन से जुड़ा और असली लगे।
रिपोर्टिंग लाइव की स्टारकास्ट
| कलाकार | किरदार |
|---|---|
| परिणीति चोपड़ा | संध्या यादव, फ़ील्ड रिपोर्टर |
| देवेन भोजानी | विनोद, कैमरामैन |
| अमोल पालेकर | व्हिसलब्लोअर |
| आदिल हुसैन | दोनों का मददगार |
| नासर | खलनायक |
| शेखर सुमन, शाश्वत चटर्जी, पितोबाश त्रिपाठी, समीर कोचर, प्राची शाह | सहायक भूमिकाएँ |
किरदारों के ब्योरे एम9 न्यूज़ के रिव्यू और डेली जागरण की रिपोर्ट से हैं। सिनेमैटोग्राफ़ी आर. वेलराज की है।
परिणीति ने ट्रेलर लॉन्च के वक़्त कहा था कि इस साल Netflix के साथ यह उनकी दूसरी पारी है — फिर से थ्रिलर, लेकिन नए अवतार में। उनके मुताबिक़ संध्या जिज्ञासु और निडर किरदार है।
रिव्यू: किसी ने 1 स्टार दिया, किसी ने 4.5
रिलीज़ के दिन आए रिव्यू इतने बँटे हुए हैं कि दोनों छोर के बीच साढ़े तीन स्टार का फ़ासला है।
| रिव्यू | रेटिंग | मुख्य बात |
|---|---|---|
| इंडियन.कम्युनिटी | 4.5/5 | परिणीति भरोसेमंद, देवेन भोजानी के साथ जोड़ी ताज़ा; कसी हुई फ़िल्म |
| बॉलीवुडवाला | 1/5 | परिणीति रिपोर्टर के रोल में फ़िट नहीं; धीमी रफ़्तार, अंदाज़ा लगाने लायक ट्विस्ट |
| एम9 न्यूज़ | रेटिंग नहीं, “सिफ़ारिश नहीं” | कमज़ोर लेखन, सपाट किरदार; परिणीति–देवेन का तालमेल अच्छा |
एक बात पर लगभग सब सहमत हैं — मुद्दा ज़रूरी है। पुल गिरना, रेत माफ़िया और ख़बरों के पीछे की मीडिया की राजनीति, ये विषय किसी को बेकार नहीं लगे। बहस इस पर है कि फ़िल्म उन्हें कितने असरदार ढंग से कहती है। सबसे ज़्यादा तारीफ़ संध्या और विनोद की दोस्ती को मिली है, जिसमें कोई रोमांटिक एंगल नहीं है। सबसे ज़्यादा शिकायत स्क्रीनप्ले और परिणीति की कास्टिंग पर है।
किसे देखनी चाहिए
अगर आपको पत्रकारिता पर बनी थ्रिलर फ़िल्में पसंद हैं और दो घंटे का वक़्त है, तो यह एक बार आज़माने लायक है — ख़ासकर अमोल पालेकर, आदिल हुसैन और नासर जैसे कलाकारों के लिए। लेकिन अगर आप तेज़ रफ़्तार और चौंकाने वाले ट्विस्ट की उम्मीद कर रहे हैं, तो रिव्यू बताते हैं कि निराशा हो सकती है। परिणीति की ‘शक’ अगर आपने देखी है, तो दोनों में फ़र्क़ साफ़ दिखेगा — वह एक मां की भावनात्मक कहानी थी, यह एक रिपोर्टर की ज़मीनी जांच।
इस महीने Netflix, प्राइम वीडियो, जियोहॉटस्टार और ज़ी5 पर और क्या आ रहा है, उसकी पूरी लिस्ट हमारी अक्टूबर 2026 OTT रिलीज़ लिस्ट में है। OTT की और ख़बरों के लिए एंटरटेनमेंट सेक्शन देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रिपोर्टिंग लाइव किस OTT पर है?
Netflix पर, 9 अक्टूबर 2026 से। फ़िल्म थिएटर में रिलीज़ नहीं हुई।
क्या रिपोर्टिंग लाइव फ़्री में देख सकते हैं?
नहीं। इसके लिए Netflix का सब्सक्रिप्शन चाहिए। अलग से किराया नहीं देना पड़ता।
रिपोर्टिंग लाइव में परिणीति चोपड़ा का किरदार क्या है?
वह संध्या यादव नाम की फ़ील्ड रिपोर्टर बनी हैं, जो अपने कैमरामैन विनोद (देवेन भोजानी) के साथ रेत माफ़िया की जांच करती है।
रिपोर्टिंग लाइव का निर्देशक कौन है?
ध्रुव त्रिपाठी। यह उनकी पहली फ़ीचर फ़िल्म है।
क्या रिपोर्टिंग लाइव सच्ची कहानी है?
पूरी तरह नहीं। अवैध रेत खनन का मुद्दा असली है, लेकिन रिलीज़ के बाद के एक रिव्यू के मुताबिक़ कहानी और क़स्बा काल्पनिक हैं। मेकर्स ने किसी ख़ास घटना का नाम नहीं लिया।
रिपोर्टिंग लाइव कितनी लंबी है?
क़रीब दो घंटे। अलग-अलग रिव्यू में 110 से 116 मिनट बताई गई है।











