ओणम पर थिएटर में आई पृथ्वीराज सुकुमारन की गोल्ड-स्मगलिंग ड्रामा खलीफ़ा OTT रिलीज़ के साथ अब घर बैठे देखी जा सकती है। ख़ास बात यह है कि मलयालम फ़िल्में आम तौर पर एक ही स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर जाती हैं, लेकिन ‘खलीफ़ा’ एक साथ सात प्लेटफ़ॉर्म पर उतरी है — और हिंदी डब भी साथ में आया है। जिन दर्शकों ने उत्तर भारत में इसे थिएटर में नहीं देखा, उनके लिए यह पहला मौक़ा है।
नीचे पूरी जानकारी है — फ़िल्म कहाँ और किस भाषा में देखें, कहानी क्या है, कौन-कौन है, और थिएटर में इसका हाल क्या रहा।
खलीफ़ा OTT रिलीज़: कहाँ और किस भाषा में देखें
फ़िल्मीबीट के मुताबिक़ मेकर्स ने 9 अक्टूबर को घोषणा की कि फ़िल्म Prime Video, Lionsgate Play, Aha, Simply South, Starzplay, ManoramaMAX और AP International South Cinema पर आ गई है। स्ट्रीमिंग अनाउंसमेंट के अनुसार फ़िल्म मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी में उपलब्ध है। कौन-सा प्लेटफ़ॉर्म किस इलाक़े में है, इसमें फ़र्क़ है:
| प्लेटफ़ॉर्म | कहाँ / किसके लिए | भाषा |
|---|---|---|
| Prime Video | भारत | मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी |
| Lionsgate Play | पाँचों भाषाओं के दर्शक | मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, हिंदी |
| ManoramaMAX | मलयालम दर्शक | मलयालम |
| Aha | तमिल और तेलुगु दर्शक | तमिल, तेलुगु |
| AP International South Cinema | Prime Video पर इस चैनल के सब्सक्राइबर | दक्षिण भारतीय भाषाएँ |
| Simply South | भारत के बाहर, पूरी दुनिया | — |
| Starzplay | मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अफ़्रीका | — |
एस्क्वायर इंडिया की सलाह सीधी है — भारत में देखने वालों के लिए Prime Video सबसे आसान विकल्प है, क्योंकि उस पर पाँचों भाषाएँ हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले Starzplay पर देख सकते हैं। एस्क्वायर ने यह भी लिखा है कि डिजिटल राइट्स की डील की रक़म मेकर्स ने नहीं बताई है।
‘खलीफ़ा’ की कहानी क्या है
फ़िल्म की कहानी मम्बरक्कल आमिर अली (पृथ्वीराज) की है — कोझिकोड के कोडुवल्ली का एक बेफ़िक्र नौजवान, जो कपड़े की दुकान चलाता है और माँ-बाप के साथ रहता है। फ़िल्मीबीट के मुताबिक़ हालात उसे गोल्ड स्मगलिंग की उसी दुनिया में खींच लाते हैं, जिसकी नींव उसके दादा मम्बरक्कल अहमद अली उर्फ़ ‘बाबा’ ने रखी थी। वह इस नेटवर्क में ऊपर चढ़ता जाता है और उसका परिवार ख़तरे में पड़ जाता है।
केरल टीवी के मुताबिक़ फ़िल्म की शुरुआत एक नाटकीय घटना से होती है: बहन की शादी के कुछ ही समय बाद आमिर अपने क़रीबी साथी समद को कस्टम्स के हवाले कर देता है। हिरासत में समद आमिर की कहानी सुनाना शुरू करता है, और यहीं से मम्बरक्कल परिवार का इतिहास खुलता है। एस्क्वायर के अनुसार इस स्मगलिंग साम्राज्य का जाल मिडिल ईस्ट, लंदन, नेपाल और केरल तक फैला है।
यह दो हिस्सों वाली कहानी का पहला भाग है। एस्क्वायर के मुताबिक़ यह हिस्सा मुख्य रूप से अली परिवार की दुनिया और उसका ढाँचा खड़ा करता है; कहानी का असली फैलाव सीक्वल में होने की उम्मीद है।
खलीफ़ा की कास्ट: मोहनलाल का कैमियो, नील नितिन मुकेश का मलयालम डेब्यू
| कलाकार | भूमिका / ख़ास बात |
|---|---|
| पृथ्वीराज सुकुमारन | मम्बरक्कल आमिर अली (लीड) |
| मोहनलाल | मम्बरक्कल अहमद अली — स्पेशल अपीयरेंस |
| नील नितिन मुकेश | मलयालम सिनेमा में पहली फ़िल्म |
| मालविका शर्मा | मलयालम सिनेमा में पहली फ़िल्म |
| टोविनो थॉमस, सौबिन शाहिर | कैमियो |
| शम्मी तिलकन, इंद्रन्स, रेंजी पणिक्कर | सहायक भूमिकाएँ |
फ़िल्म का निर्देशन वैशाख ने किया है। स्क्रीनप्ले जिनु वी. अब्राहम का है, जिन्होंने सूरज कुमार के साथ इसे को-प्रोड्यूस भी किया। संगीत जेक्स बेजॉय का है, सिनेमैटोग्राफ़ी जोमोन टी. जॉन की और एडिटिंग चमन चाको की। हिंदी दर्शकों के लिए नील नितिन मुकेश का होना एक जाना-पहचाना चेहरा है, और मोहनलाल का किरदार कहानी की जड़ से जुड़ा है — पूरा स्मगलिंग साम्राज्य उन्हीं के किरदार ने खड़ा किया था।
थिएटर में ‘खलीफ़ा’ का हाल: ओणम पर निविन पॉली से टक्कर
‘खलीफ़ा’ 20 अगस्त 2026 को ओणम के मौक़े पर रिलीज़ हुई थी। उसी हफ़्ते निविन पॉली की ‘बेथलहम कुटुंब यूनिट’ भी आई, जिसने दर्शकों का बड़ा हिस्सा अपनी तरफ़ खींच लिया।
शुरुआत दमदार रही। सैकनिल्क के मुताबिक़ पहले दिन फ़िल्म ने दुनिया भर में ₹12.20 करोड़ ग्रॉस कमाए — भारत से ₹6.20 करोड़ ग्रॉस (₹5.35 करोड़ नेट, 1,967 शो) और विदेश से ₹6 करोड़। यह पृथ्वीराज की दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग थी; पहले नंबर पर ‘आडुजीवितम’ (द गोट लाइफ़) है, जिसकी ओपनिंग ₹8.72 करोड़ थी। लेकिन सैकनिल्क ने पहले ही दिन लिख दिया था कि दर्शकों की शुरुआती राय मिली-जुली है।
एस्क्वायर के अनुसार कुछ दर्शकों को फ़िल्म का स्केल, स्टाइलिश एक्शन और सरप्राइज़ कैमियो पसंद आए, जबकि कुछ को कहानी जानी-पहचानी लगी। इसके बावजूद फ़िल्म ने दुनिया भर में ₹50 करोड़ का आँकड़ा पार किया। अब देखना यह है कि हिंदी डब के साथ OTT पर इसे वह दर्शक मिलते हैं या नहीं, जो थिएटर तक नहीं पहुँचे।
पृथ्वीराज और हिंदी दर्शक
पृथ्वीराज सुकुमारन हिंदी दर्शकों के लिए नया नाम नहीं हैं। पिछले महीने 18 सितंबर को रिलीज़ हुई मेघना गुलज़ार की ‘दायरा’ में वह करीना कपूर के साथ DCP के किरदार में दिखे। दक्षिण की फ़िल्में जिस तरह थिएटर के बजाय सीधे OTT पर हिंदी दर्शकों तक पहुँच रही हैं, उसका एक और उदाहरण फ़हाद फ़ासिल की ‘डोंट ट्रबल द ट्रबल’ है। अक्षय कुमार-सैफ़ अली ख़ान की ‘हैवान’ की OTT रिलीज़ पर भी हमारी रिपोर्ट है।
OTT और टीवी की और ख़बरों के लिए हमारा एंटरटेनमेंट सेक्शन देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
खलीफ़ा OTT पर कब रिलीज़ हुई?
9 अक्टूबर 2026 को। फ़िल्म 20 अगस्त 2026 को थिएटर में आई थी, यानी करीब सात हफ़्ते बाद OTT पर पहुँची।
खलीफ़ा हिंदी में कहाँ देखें?
भारत में Prime Video और Lionsgate Play पर, जहाँ यह मलयालम, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और हिंदी में उपलब्ध है।
क्या खलीफ़ा Netflix या JioHotstar पर है?
मेकर्स की घोषणा में Netflix या JioHotstar का नाम नहीं है। आधिकारिक सूची में Prime Video, Lionsgate Play, Aha, Simply South, Starzplay, ManoramaMAX और AP International South Cinema हैं।
खलीफ़ा में मोहनलाल का रोल क्या है?
मोहनलाल स्पेशल अपीयरेंस में मम्बरक्कल अहमद अली बने हैं — आमिर अली (पृथ्वीराज) के दादा, जिन्होंने परिवार का गोल्ड-स्मगलिंग कारोबार शुरू किया था।
क्या खलीफ़ा का दूसरा पार्ट आएगा?
हाँ, ‘खलीफ़ा’ दो हिस्सों वाली कहानी का पहला भाग है। दूसरे भाग की रिलीज़ डेट अभी घोषित नहीं हुई है।
खलीफ़ा का डायरेक्टर कौन है?
वैशाख। स्क्रीनप्ले जिनु वी. अब्राहम ने लिखा है।












