फ़रवरी 2026 में Netflix ने जब अपनी नई फ़िल्मों की सूची जारी की, तो मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे की एक फ़िल्म का नाम सबसे ज़्यादा चर्चा में रहा — लेकिन ग़लत वजह से। नाम था ‘घूसख़ोर पंडत’। कुछ ही दिनों में मामला लखनऊ के थाने से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया, और अदालत ने साफ़ कह दिया कि नाम बदले बिना फ़िल्म रिलीज़ नहीं होगी।
आठ महीने बाद वही फ़िल्म नए नाम ‘गजब रात’ के साथ लौटी है। ट्रेलर 15 अक्टूबर को आया और तारीख़ तय है — 23 अक्टूबर। गजब रात कब और कहाँ देखें, कहानी क्या है, कौन-कौन है, और नाम बदलने की पूरी कहानी क्या रही — सब इस पेज पर है।
गजब रात कब और कहाँ देखें?
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| फ़िल्म | गजब रात (पहले घोषित नाम: घूसख़ोर पंडत) |
| प्लेटफ़ॉर्म | Netflix (सिर्फ़ OTT, थिएटर में नहीं) |
| स्ट्रीमिंग की तारीख़ | 23 अक्टूबर 2026, शुक्रवार |
| शैली | एक रात में घटने वाली क्राइम थ्रिलर |
| मुख्य कलाकार | मनोज बाजपेयी (पुलिस अफ़सर अजय दीक्षित) |
| अन्य कलाकार | साक़िब सलीम, अक्षय ओबेरॉय, दिव्या दत्ता, कीकू शारदा, नुसरत भरुचा |
| निर्देशक | रितेश शाह (बतौर निर्देशक पहली फ़िल्म) |
| निर्माता | नीरज पांडे — फ़्राइडे फ़िल्मवर्क्स |
Netflix ने अपनी घोषणा में स्ट्रीमिंग का समय और भाषाओं की सूची नहीं बताई है। फ़िल्म हिंदी में बनी है; डब वर्ज़न की जानकारी आते ही यह पेज अपडेट किया जाएगा।
‘गजब रात’ की कहानी क्या है?
पूरी कहानी एक ही रात में घटती है। मनोज बाजपेयी एक पुलिस अफ़सर अजय दीक्षित बने हैं, जिसे ख़ुद Netflix और ट्रेलर रिपोर्ट्स “मोरली ग्रे” यानी न पूरी तरह अच्छा, न पूरी तरह बुरा किरदार बताते हैं। उसके सामने एक केस है, और साथ में एक सवाल — ड्यूटी निभाए या केस को अपने फ़ायदे के लिए मोड़ दे। Netflix के शब्दों में, उस रात का एक फ़ैसला ऐसी घटनाओं की कड़ी शुरू कर देता है जिनके नतीजे दूर तक जाते हैं।
द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया के मुताबिक़ ट्रेलर एक होटल पर छापे से खुलता है। नुसरत भरुचा का किरदार गुलाबी ड्रेस में होटल के गलियारे में घबराकर भागता दिखता है, और एक दूसरी युवती को चलती कार से फेंक दिया जाता है — चेहरा कटा और ख़ून से सना। ईटीवी भारत की रिपोर्ट बताती है कि यही युवती गंभीर हालत में अस्पताल पहुँचती है, और यहीं से अजय दीक्षित की जाँच शुरू होती है।
नीरज पांडे ने Netflix की घोषणा में कहा, “गजब रात एक ऐसी थ्रिलर है जहाँ लोगों के फ़ैसले उन्हें उस मोड़ पर ले जाते हैं जहाँ कोई आसान जवाब नहीं बचता।” मनोज बाजपेयी का कहना था, “मुझे हमेशा ऐसे किरदार खींचते रहे हैं जिन्हें आसानी से परिभाषित न किया जा सके।”
‘घूसख़ोर पंडत’ से ‘गजब रात’ तक: नाम क्यों बदलना पड़ा?
आपत्ति नाम के दो शब्दों के मेल पर थी। आलोचकों का कहना था कि ‘पंडत’ को ‘घूसख़ोर’ (रिश्वत लेने वाला) के साथ जोड़ना एक पूरे समुदाय की पहचान को भ्रष्टाचार से जोड़ता है और ब्राह्मण समाज का अपमान है। इसके बाद जो हुआ, वह तारीख़वार ऐसे है:
| कब | क्या हुआ |
|---|---|
| फ़रवरी 2026 (शुरुआत) | Netflix की 2026 की सूची में फ़िल्म ‘घूसख़ोर पंडत’ नाम से घोषित, घोषणा के साथ ही विरोध शुरू |
| फ़रवरी 2026 | उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश पर लखनऊ के हज़रतगंज थाने में FIR; फ़िल्म कर्मचारियों की संस्था FWICE ने भी नाम हटाने को कहा |
| 10 फ़रवरी | दिल्ली हाई कोर्ट में Netflix ने बताया कि निर्माता नाम बदल रहे हैं; याचिकाकर्ता के मान जाने पर याचिका निपटा दी गई |
| 12 फ़रवरी | सुप्रीम कोर्ट (जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयाँ की बेंच) ने कहा कि नया नाम रिकॉर्ड पर आए बिना रिलीज़ की इजाज़त नहीं; हलफ़नामा माँगा |
| 19 फ़रवरी | नीरज पांडे का हलफ़नामा रिकॉर्ड पर; सुप्रीम कोर्ट ने याचिका निपटा दी |
| 14–15 अक्टूबर | Netflix ने नए नाम ‘गजब रात’, ट्रेलर और 23 अक्टूबर की तारीख़ का एलान किया |
सुप्रीम कोर्ट में अतुल मिश्रा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस नागरत्ना की बेंच का सवाल था — “इस तरह के नाम से समाज के किसी वर्ग को नीचा क्यों दिखाया जाए?” लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक़ अदालत ने यह भी कहा कि वह अभिव्यक्ति की आज़ादी का सम्मान करती है, लेकिन यह आज़ादी पाबंदियों के साथ आती है।
नेशनल हेराल्ड के अनुसार नीरज पांडे के हलफ़नामे में चार बातें थीं: पुराना नाम वापस लिया जा चुका है, उसे “किसी भी रूप में” दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, उस नाम वाली सारी प्रचार सामग्री हटा दी गई है, और फ़िल्म किसी धर्म या समुदाय को निशाना नहीं बनाती। ईटीवी भारत के मुताबिक़ हलफ़नामे में यह भरोसा भी दिया गया कि नया नाम पुराने से मिलता-जुलता नहीं होगा। अदालत ने यह भी कहा कि वापस लिए गए नाम को लेकर अब कोई नई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली हाई कोर्ट में Netflix की दलील थी कि नया नाम फ़िल्म की कहानी और मक़सद को “ज़्यादा सटीक ढंग से” दिखाता है। ‘गजब रात’ — यानी एक अजीब, अनोखी रात — कहानी की एक-रात वाली बनावट से सीधे जुड़ता भी है।
मनोज बाजपेयी और नीरज पांडे: लगभग दस साल बाद साथ
यह जोड़ी पहले ‘स्पेशल 26’ (2013) और ‘अय्यारी’ (2018) में साथ काम कर चुकी है, और रिपोर्ट्स इसे लगभग एक दशक बाद दोनों की वापसी बता रही हैं। मनोज बाजपेयी ने Netflix की घोषणा में कहा कि “नीरज के साथ इतने समय बाद दोबारा काम करना शानदार अनुभव रहा।”
नीरज पांडे पिछले कुछ समय से Netflix के लिए लगातार काम कर रहे हैं — ‘ख़ाकी: द बिहार चैप्टर’, ‘सिकंदर का मुक़द्दर’ और ‘तस्करी’ उन्हीं के प्रोडक्शन से आईं। रितेश शाह अब तक लेखक के तौर पर जाने जाते थे; ‘गजब रात’ बतौर निर्देशक उनकी पहली फ़िल्म है। उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा ऐसी थ्रिलर पसंद रही हैं जो आपको किसी हालात में खींच लें और अंदाज़ा लगाते रहने पर मजबूर करें।”
मनोज बाजपेयी के लिए Netflix नया घर नहीं है। पिछले साल उनकी ‘इंस्पेक्टर ज़ेंडे’ भी इसी प्लेटफ़ॉर्म पर आई थी, जिसमें वे एक बार फिर पुलिस अफ़सर बने थे। इस साल उनकी ‘लास्ट मैन इन टावर’ और ‘गवर्नर’ भी रिलीज़ हो चुकी हैं।
23 अक्टूबर को और क्या आ रहा है?
‘गजब रात’ अकेली नहीं है। उसी शुक्रवार सिनेमाघरों में आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की ‘उड़ता तीर’ आ रही है, जिसकी तारीख़ दो बार खिसक चुकी है। और ZEE5 पर भारत की पहली महिला सूमो पहलवान हेतल दवे की ज़िंदगी पर बनी ‘सूमो दीदी’ भी 23 अक्टूबर को ही स्ट्रीम होगी। पूरे महीने की OTT सूची के लिए देखें — अक्टूबर 2026 में OTT पर आ रहीं फ़िल्में और सीरीज़।
OTT और मनोरंजन की बाक़ी ख़बरें: मनोरंजन।
स्रोत: Netflix की आधिकारिक घोषणा, लाइव लॉ, द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया, आउटलुक, ईटीवी भारत, नेशनल हेराल्ड।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गजब रात OTT पर कब आएगी?
23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को, सिर्फ़ Netflix पर। यह सीधे OTT पर आ रही है, थिएटर में रिलीज़ नहीं हुई।
‘घूसख़ोर पंडत’ का नया नाम क्या है?
‘गजब रात’। फ़रवरी 2026 के विवाद और सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफ़नामे के बाद पुराना नाम वापस लिया गया।
गजब रात में मनोज बाजपेयी का किरदार क्या है?
वे अजय दीक्षित नाम के पुलिस अफ़सर बने हैं, जो एक रात में एक केस की जाँच करते हुए ड्यूटी और अपने फ़ायदे के बीच फँसा है।
गजब रात का निर्देशक कौन है?
रितेश शाह, जिनकी यह बतौर निर्देशक पहली फ़िल्म है। निर्माता नीरज पांडे हैं (फ़्राइडे फ़िल्मवर्क्स)।
क्या सुप्रीम कोर्ट ने फ़िल्म पर रोक लगाई थी?
अदालत ने कहा था कि नया नाम रिकॉर्ड पर आए बिना रिलीज़ की इजाज़त नहीं दी जाएगी। 19 फ़रवरी को नीरज पांडे का हलफ़नामा आने के बाद याचिका निपटा दी गई।












