‘चलेया’ के लिए नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी गायिका शिल्पा राव के लिए शनिवार की रात मुंबई में वैसी नहीं रही जैसी होनी चाहिए थी। एक बड़े म्यूज़िक फ़ेस्टिवल में उनका सेट बीच में ही काट दिया गया — माइक बंद, साउंड बंद, और जब वे मंच से फ़ैंस को अलविदा कह रही थीं, उसी वक़्त अगले कलाकार ने अपना सेट शुरू कर दिया। देर रात शिल्पा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उनके दिल का एक टुकड़ा टूट गया है। कुछ घंटों बाद आयोजकों का माफ़ीनामा भी आया। इस पेज पर पूरी घटना, दोनों पक्षों के बयान, और शिल्पा राव के करियर की ज़रूरी बातें एक जगह हैं।
शिल्पा राव के शो में क्या हुआ?
‘बॉलीवुड म्यूज़िक प्रोजेक्ट’ (BMP) का यह 10वीं सालगिरह वाला एडिशन था, जो शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड गार्डन्स में हुआ। Hindustan Times के मुताबिक़ शाम के हेडलाइनर हिमेश रेशमिया थे, और लाइन-अप में हरिहरन, यूफ़ोरिया, अनु मलिक और शाहिद माल्या जैसे नाम भी थे।
शिल्पा राव के परफ़ॉर्मेंस के दौरान कार्यक्रम पहले से देर से चल रहा था। India Today की रिपोर्ट कहती है कि उनका माइक्रोफ़ोन और बाक़ी इलेक्ट्रॉनिक ऑडियो उपकरण बीच परफ़ॉर्मेंस में ही बंद कर दिए गए। शिल्पा ने मंच से दर्शकों का शुक्रिया अदा करने और विदा लेने की कोशिश की, पर उनकी बात भी पूरी नहीं हुई — अगले कलाकार कुटले ख़ान ने उसी वक़्त अपना सेट शुरू कर दिया, जबकि शिल्पा अभी मंच पर थीं।
वहाँ मौजूद कई दर्शक इससे हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर लोगों ने आयोजकों की तीखी आलोचना की और इसे एक कलाकार का अपमान बताया।
शिल्पा राव ने क्या लिखा
शनिवार देर रात शिल्पा ने इंस्टाग्राम पर एक नोट साझा किया। यह नोट अंग्रेज़ी में था; इसका हिंदी अनुवाद कुछ यूँ है:
“मुंबई, आज रात मेरे दिल का एक छोटा-सा टुकड़ा टूट गया। इतनी ख़ूबसूरत चीज़ हमसे इस तरह छिन जाना बहुत गहरी चोट देता है। पर जब संगीत रुक गया, तब भी आप नहीं रुके। जिस तरह आप मेरा नाम पुकारते रहे, आपकी आवाज़ों में जो प्यार था — मैंने सब महसूस किया। आज रात हमारी कहानी अधूरी रह गई। मैं वादा करती हूँ, मैं लौटकर आऊँगी। आई लव यू, मुंबई। हमेशा-हमेशा।”
यानी नाराज़गी साफ़ है, पर शिल्पा ने किसी का नाम लेकर आरोप नहीं लगाया। उनका पूरा नोट फ़ैंस के नाम है — जो साउंड कटने के बाद भी उनका नाम पुकारते रहे।
आयोजकों की माफ़ी — और देरी का तर्क
आलोचना बढ़ने पर BMP ने शनिवार देर रात अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर बयान जारी किया। बयान के मुख्य बिंदु:
- माफ़ी: “हम गहराई से माफ़ी माँगते हैं।” आयोजकों ने लिखा कि वे शिल्पा राव का सबसे ज़्यादा सम्मान करते हैं और उन्हें लाइन-अप में रखना सम्मान की बात थी।
- वजह: बड़े फ़ेस्टिवल में कई कलाकार होते हैं, और पहले के कलाकारों के सेट लंबे खिंच जाने जैसी अनपेक्षित स्थितियाँ बनती हैं।
- कर्फ़्यू: फ़ेस्टिवल स्थानीय प्रशासन के सख़्त दिशानिर्देशों और वेन्यू के कर्फ़्यू नियमों के तहत चलता है; इन्हीं देरियों के जुड़ते जाने से शिल्पा का सेट “समय से पहले” ख़त्म करना पड़ा।
- ज़िम्मेदारी: आयोजकों ने इन हालात को “पूरी तरह हमारे नियंत्रण से बाहर” बताया, पर अफ़सोस जताया कि उनका पूरा परफ़ॉर्मेंस नहीं हो सका।
बयान के आख़िर में शिल्पा, उनकी टीम और “सबसे बढ़कर” उनके फ़ैंस से माफ़ी माँगी गई।
सवाल जो अब भी बाक़ी हैं
आयोजकों का बयान देरी और कर्फ़्यू की बात करता है, पर यह नहीं बताता कि समय की कमी का असर शिल्पा राव के सेट पर ही क्यों पड़ा, और उन्हें मंच से ठीक से विदा लेने का मौक़ा भी क्यों नहीं मिला। न ही यह बताया गया कि किस कलाकार का सेट लंबा चला। दूसरी तरफ़ शिल्पा ने भी अपने नोट में आयोजकों पर सीधा कुछ नहीं कहा है। अब तक की रिपोर्ट्स में किसी पक्ष ने इससे आगे कुछ नहीं कहा है।
शिल्पा राव कौन हैं: एक नज़र में
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| असली नाम | अपेक्षा राव |
| जन्म | 11 अप्रैल 1984, जमशेदपुर (तब बिहार, अब झारखंड) |
| संगीत की तालीम | पिता एस. वेंकट राव से; 13 साल की उम्र में हरिहरन से मुलाक़ात के बाद उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान से |
| पहला गाना | ‘तोसे नैना’ — फ़िल्म ‘अनवर’ (2007) |
| नेशनल अवॉर्ड | 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार में बेस्ट फ़ीमेल प्लेबैक सिंगर — ‘चलेया’ (जवान) |
| फ़िल्मफ़ेयर | ‘घुंघरू’ (2020) और ‘बेशरम रंग’ (2024) के लिए; ‘चुट्टमल्ले’ के लिए फ़िल्मफ़ेयर साउथ (तेलुगु, 2026) |
‘ख़ुदा जाने’ से ‘चलेया’ तक
शिल्पा राव को बड़ी पहचान 2008 में ‘बचना ऐ हसीनो’ के ‘ख़ुदा जाने’ से मिली, जिसके लिए उन्हें फ़िल्मफ़ेयर नॉमिनेशन भी मिला। इसके बाद ‘पा’ का ‘मुड़ी मुड़ी इत्तेफ़ाक़ से’, ‘जब तक है जान’ का ‘इश्क़ शावा’, ‘लुटेरा’ का ‘मनमर्ज़ियाँ’, ‘धूम 3’ का ‘मलंग’ और ‘बैंग बैंग!’ का ‘मेहरबान’ आए। ‘ऐ दिल है मुश्किल’ का ‘बुल्लेया’ भी उनकी आवाज़ में है।
2019 में ‘वॉर’ के ‘घुंघरू’ ने उन्हें पहला फ़िल्मफ़ेयर दिलाया, और 2023 उनके करियर का सबसे बड़ा साल रहा — ‘पठान’ का ‘बेशरम रंग’, रजनीकांत की ‘जेलर’ का ‘कावाला’ (जिसका सीक्वल ‘जेलर 2’ इसी महीने सिनेमाघरों में आया है), और ‘जवान’ का ‘चलेया’, जिसने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया। 2016 में वे ‘कोक स्टूडियो पाकिस्तान’ (सीज़न 9) में ‘पार चनाँ दे’ गाने वाली दूसरी भारतीय गायिका बनी थीं।
एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि शनिवार के उसी लाइन-अप में हरिहरन भी थे — वही हरिहरन, जिनसे 13 साल की उम्र में मुलाक़ात के बाद शिल्पा ने उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफ़ा ख़ान से संगीत सीखना शुरू किया था।
लाइव शो में इस तरह की गड़बड़ी पहली बार चर्चा में नहीं आई है — कॉन्सर्ट के इंतज़ाम पर पहले भी सवाल उठे हैं, जैसे सुनंदा शर्मा के ग़ाज़ियाबाद कॉन्सर्ट के मामले में।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
शिल्पा राव का शो कहाँ और कब बीच में रोका गया?
शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जियो वर्ल्ड गार्डन्स में ‘बॉलीवुड म्यूज़िक प्रोजेक्ट’ के 10वें एडिशन में।
शिल्पा राव का माइक क्यों बंद किया गया?
आयोजकों के मुताबिक़ कार्यक्रम देर से चल रहा था, पहले के सेट लंबे खिंच गए थे, और वेन्यू के कर्फ़्यू नियमों के चलते उनका सेट समय से पहले ख़त्म करना पड़ा।
शिल्पा राव ने क्या कहा?
उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा कि उस रात उनके दिल का एक टुकड़ा टूट गया, फ़ैंस का शुक्रिया अदा किया और वादा किया कि वे मुंबई लौटकर आएँगी।
क्या आयोजकों ने माफ़ी माँगी?
हाँ। BMP ने इंस्टाग्राम पर शिल्पा, उनकी टीम और फ़ैंस से माफ़ी माँगी, पर हालात को अपने नियंत्रण से बाहर बताया।
उस रात और कौन-कौन परफ़ॉर्म कर रहा था?
हेडलाइनर हिमेश रेशमिया थे; लाइन-अप में हरिहरन, यूफ़ोरिया, अनु मलिक, शाहिद माल्या और कुटले ख़ान भी थे।
शिल्पा राव को नेशनल अवॉर्ड किस गाने के लिए मिला?
शाहरुख़ ख़ान की ‘जवान’ के गाने ‘चलेया’ के लिए, 71वें राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार में बेस्ट फ़ीमेल प्लेबैक सिंगर।
स्रोत: Hindustan Times, India Today, Telegraph India और Wikipedia। ज़्यादा बॉलीवुड ख़बरों के लिए देखें बॉलीवुड सेक्शन।












