सीधी बात: मोनालिसा ने भोजपुरी सिनेमा पर लगने वाले अश्लीलता के आरोपों पर कहा — “इस पर टिप्पणी करने वाले कई लोगों ने असल में फ़िल्में देखी ही नहीं हैं।”
उनका तर्क ये है कि जिन गानों की वजह से इंडस्ट्री बदनाम है, वो ज़्यादातर एल्बम और म्यूज़िक वीडियो हैं — फ़िल्में नहीं।
भोजपुरी इंडस्ट्री पर सबसे पुराना इल्ज़ाम एक ही है: डबल मीनिंग गाने और अश्लीलता। इस पर जवाब आमतौर पर या तो चुप्पी होता है, या नाराज़गी। मोनालिसा ने तीसरा रास्ता लिया है — उन्होंने आरोप लगाने वालों से ही सवाल पूछ लिया कि उन्होंने भोजपुरी फ़िल्में देखी कब हैं।
मोनालिसा ने भोजपुरी सिनेमा पर क्या कहा
समाचार एजेंसी IANS को दिए एक इंटरव्यू में (30 अगस्त 2026 को प्रकाशित) मोनालिसा ने कहा:
“मैं कई सालों से भोजपुरी एंटरटेनमेंट में अश्लीलता के बारे में सुन रही हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि इस पर कमेंट करने वाले कई लोगों ने असल में फ़िल्में देखी ही नहीं हैं।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि लोगों की राय कुछ ख़ास म्यूज़िक वीडियो से बनती है:
“हो सकता है उन्होंने सिर्फ़ कुछ म्यूज़िक वीडियो देखे हों जिन्हें यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज़ मिले हैं, और उसी की वजह से वो पूरी इंडस्ट्री को जज कर देते हैं।”
“एल्बम और फ़िल्में एक चीज़ नहीं हैं”
मोनालिसा की पूरी दलील इसी फ़र्क़ पर टिकी है। उनके मुताबिक़ भोजपुरी की सभी फ़िल्में एक जैसी नहीं होतीं:
“सारी भोजपुरी फ़िल्में वैसी नहीं होतीं। एल्बम और म्यूज़िक वीडियो में ऐसा कंटेंट ज़्यादा हो सकता है, लेकिन फ़िल्में अलग होती हैं।”
ये फ़र्क़ मायने रखता है, क्योंकि भोजपुरी की पहुँच का सबसे बड़ा ज़रिया आज सिनेमा हॉल नहीं, यूट्यूब है। जो गाना करोड़ों बार चलता है, वही इंडस्ट्री का चेहरा बन जाता है — भले उसका फ़िल्मों से कोई लेना-देना न हो। मोनालिसा का कहना यही है कि इंडस्ट्री को उसके सबसे ज़्यादा देखे गए हिस्से से नहीं, पूरे काम से आँका जाए।
पहले भी वो यही बात कह चुकी हैं
ये मोनालिसा की पहली टिप्पणी नहीं है। टाइम्स नाउ नवभारत को इस साल अप्रैल में दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ऐसे गानों की वजह से “बाहर की इंडस्ट्री के लोग भोजपुरी सिनेमा को जज करने लग गए कि ये अच्छा नहीं है।”
उसी बातचीत में उन्होंने एक और बात कही थी जो कम सुनी गई — कि माँग भी इसी की है। उनके शब्दों में, अगर ऐसे गाने न बनाए जाते तो लोग उन्हें सुनते भी नहीं। साथ ही उन्होंने ये भी माना था कि भोजपुरी में अभिनेत्रियों को अभिनेताओं के मुक़ाबले काफ़ी कम फ़ीस मिलती है — शुरुआती दिनों में उन्हें साल में 10-12 फ़िल्मों के ऑफ़र आते थे, पर पैसा बहुत कम मिलता था।
ये बहस भोजपुरी में नई नहीं है
पिछले कुछ महीनों में इंडस्ट्री के भीतर से ही कई आवाज़ें इस पर उठी हैं, और सबका सुर एक जैसा नहीं है।
- रानी चटर्जी ने कहा था कि भोजपुरी से अगर एक चीज़ हटानी हो तो वो ‘जोड़ी कल्चर’ है — उनकी पूरी बात यहाँ पढ़िए।
- उन्होंने ट्रोल्स को बॉडी शेमिंग पर भी जवाब दिया — “मैं मोटी हूँ और मुझे कोई दिक़्क़त नहीं”।
- हाल ही में खेसारी लाल यादव के नए गाने ‘अफ़ीम’ पर बहस कंटेंट से हटकर तकनीक पर चली गई, जब फ़ैंस ने वीडियो में AI के इस्तेमाल पर सवाल उठाए।
- और ये सवाल सिर्फ़ भोजपुरी का नहीं है — कन्नड़ फ़िल्म ‘टॉक्सिक’ पर अश्लीलता के आरोप लगे तो यश को भी सफ़ाई देनी पड़ी थी।
यानी मोनालिसा जिस बचाव में उतरी हैं, वो एक चालू बहस है — और उसमें इंडस्ट्री ख़ुद बँटी हुई है।
मोनालिसा का अपना सफ़र
मोनालिसा की दलील का वज़न इसलिए भी है कि वो सिर्फ़ भोजपुरी में नहीं रहीं। IANS को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने क़रीब एक दशक लंबे राष्ट्रीय टेलीविज़न के सफ़र का ज़िक्र किया — ‘बिग बॉस’ और ‘नच बलिए’ जैसे रियलिटी शो, टीवी सीरियल, और साउथ की फ़िल्में — और कहा कि इस सबके बीच उन्होंने अपनी क्षेत्रीय पहचान नहीं छोड़ी।
टीवी पर उनकी सबसे बड़ी पहचान सीरियल ‘नज़र’ से बनी, जिसमें उन्होंने चुड़ैल का किरदार निभाया था। और बिग बॉस के घर में ही उनकी शादी विक्रांत सिंह राजपूत से हुई थी — वही विक्रांत, जिनका नाम अब ‘बिग बॉस 20’ की कंटेस्टेंट लिस्ट में चल रहा है।
टाइम्स नाउ को दिए इंटरव्यू में उन्होंने ये भी माना था कि टेलीविज़न और बिग बॉस के बाद ही उनकी कमाई ठीक हुई — भोजपुरी फ़िल्मों से नहीं।
“रीजनल सिनेमा तेज़ी से बढ़ रहा है”
इंटरव्यू का आख़िरी हिस्सा शिकायत का नहीं, भरोसे का था। मोनालिसा का कहना है कि पूरे देश में क्षेत्रीय इंडस्ट्री तेज़ी से बढ़ रही हैं। साउथ और बंगाली सिनेमा पहले से आगे रहे हैं, और उनके शब्दों में:
“मुझे लगता है हर क्षेत्रीय इंडस्ट्री बढ़ रही है, और ख़ासकर रीजनल सिनेमा बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है। सच कहूँ तो मुझे लगता है हम थोड़ा देर से आए।”
यही उनका असल दावा है — भोजपुरी पिछड़ी नहीं है, बस देर से चली है, और उसे उसके सबसे सस्ते गाने से नहीं पहचाना जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मोनालिसा ने भोजपुरी सिनेमा पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि अश्लीलता पर टिप्पणी करने वाले कई लोगों ने असल में भोजपुरी फ़िल्में देखी ही नहीं हैं, और वो सिर्फ़ कुछ वायरल म्यूज़िक वीडियो देखकर पूरी इंडस्ट्री को जज कर लेते हैं।
क्या उन्होंने डबल मीनिंग गानों का बचाव किया?
नहीं। उन्होंने एल्बम/म्यूज़िक वीडियो और फ़िल्मों में फ़र्क़ किया — उनका कहना है कि ऐसा कंटेंट एल्बम में ज़्यादा है, फ़िल्में उससे अलग होती हैं।
ये बयान कब और कहाँ दिया गया?
समाचार एजेंसी IANS को दिए इंटरव्यू में, जो 30 अगस्त 2026 को प्रकाशित हुआ।
भोजपुरी में अभिनेत्रियों की फ़ीस पर उन्होंने क्या कहा है?
टाइम्स नाउ नवभारत को दिए इंटरव्यू में उन्होंने माना कि भोजपुरी में अभिनेत्रियों को अभिनेताओं से काफ़ी कम फ़ीस मिलती है, और शुरुआती दौर में उन्हें बहुत कम पैसा मिलता था।
मोनालिसा किन शोज़ से मशहूर हैं?
‘बिग बॉस’ और ‘नच बलिए’ जैसे रियलिटी शो से, और टीवी सीरियल ‘नज़र’ में चुड़ैल के किरदार से। वो साउथ की फ़िल्मों में भी काम कर चुकी हैं।
मोनालिसा के पति कौन हैं?
भोजपुरी अभिनेता विक्रांत सिंह राजपूत, जिनसे उनकी शादी बिग बॉस के घर में ही हुई थी।
भोजपुरी की और ख़बरों के लिए देखिए हमारा भोजपुरी सेक्शन।
स्रोत: IANS, पंजाब केसरी, Times Now नवभारत












