“डार्क ह्यूमर के बादशाह समय रैना एक बार फिर चर्चा में हैं। लेकिन इस बार वजह है सुप्रीम कोर्ट के बाहर दिया गया उनका वो बयान, जिसने इंटरनेट पर बवाल मचा दिया।”
हर बार की तरह इस बार भी समय रैना अपनी बेलगाम हाज़िरजवाबी और तेज़ तंज़ से लोगों को चौंकाने में कामयाब रहे। सुप्रीम कोर्ट के बाहर कैमरों से घिरे हुए जब एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि “आप न्यायपालिका पर क्या सोचते हैं?”, तो समय ने हल्की मुस्कान के साथ जो कहा, वो सुनकर कुछ लोग हँसी से लोटपोट हो गए — और कुछ… चुपचाप सोच में पड़ गए।
“भारत में न्याय की गति ऐसी है कि अगर मैं कोर्ट में अपनी कॉमेडी रूटीन सबमिट करूं, तो फैसला आते-आते वो स्टैंडअप विंटेज बन जाएगा।”
इस डार्क ह्यूमर ने सीधे न्याय व्यवस्था की धीमी गति पर तंज़ कसा — लेकिन एक बेहद चालाक और चुटीले अंदाज़ में।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
X (Twitter) पर ये क्लिप जंगल में आग की तरह फैली। किसी ने कहा, “समय ने वो कह दिया जो हम सालों से सोच रहे थे।”
दूसरे ने लिखा, “यही वजह है कि उसे भारत का Dave Chappelle कहा जाता है।”
हालांकि कुछ यूज़र्स ने इसे “संवेदनशील मुद्दों का मज़ाक उड़ाना” भी बताया।
लेकिन समय के फैंस का कहना है कि यही तो उसकी खूबी है — वो उन मुद्दों को छूता है जिन्हें सब नजरअंदाज करते हैं, लेकिन वो सच होते हैं।
हँसी के पीछे की गंभीरता
क्या हम कभी सोचते हैं कि एक कॉमेडियन जो सिर्फ लोगों को हँसाने के लिए जाना जाता है, वो जब ऐसे मुद्दों पर बोलता है तो उसका असर कितना गहरा होता है?
समय रैना का डार्क ह्यूमर महज़ हँसी के लिए नहीं है — वो एक आइना है, जो हमें हमारा ही समाज दिखाता है, पर थोड़ा झकझोर कर। यही उसकी ताकत है।
और शायद… डर भी।













